Business Desk – SBI ATM Cash Crisis 2026 : देश के कई हिस्सों, खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के एटीएम में कैश की कमी की शिकायतें बढ़ रही हैं. कई जगह लोग एटीएम पर पहुंच रहे हैं, लेकिन या तो मशीन में कैश नहीं मिल रहा या फिर तकनीकी कारणों से पैसे नहीं निकल पा रहे हैं. हालांकि, ऐसी समस्याएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार एटीएम कैश संकट को लेकर बैंकिंग सेक्टर में चिंता बढ़ गई है.

CATMi क्या है और उसने क्यों दी चेतावनी?
कन्फेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (CATMi) भारत के एटीएम उद्योग का एक गैर-लाभकारी व्यापार संगठन है. यह एटीएम सेक्टर का प्रतिनिधित्व करता है और सरकार, बैंकों तथा उद्योग के बीच समन्वय बनाने का काम करता है. मुंबई स्थित यह संगठन एटीएम उद्योग से जुड़े शोध और विकास के कार्यों पर भी ध्यान देता है.
CATMi ने बैंकों और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को चेतावनी दी है कि यदि मौजूदा समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो इसका असर पूरे एटीएम उद्योग पर पड़ सकता है और कई एटीएम सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं.
ग्रामीण इलाकों में बढ़ रही परेशानी
CATMi का दावा है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में एटीएम में कैश की समस्या लगातार बढ़ रही है. संगठन का कहना है कि कई एटीएम बंद होने की स्थिति में पहुंच रहे हैं. उसने यह भी आरोप लगाया है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बड़े शहरों के एटीएम में प्राथमिकता के आधार पर कैश पहुंचा रहा है, जबकि छोटे शहरों और गांवों में कैश सप्लाई में कटौती की जा रही है.
संगठन का कहना है कि इससे एटीएम ऑपरेटरों को आर्थिक नुकसान हो रहा है. इसी वजह से CATMi ने बैंकिंग उद्योग से 100 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है और 20 जून तक इस समस्या का समाधान निकालने की अपील की है.
एटीएम में कैश की कमी के पीछे क्या वजह है?
विशेषज्ञों के मुताबिक एटीएम में कैश की समस्या के पीछे कई कारण हैं. इनमें सबसे बड़ा कारण डिजिटल भुगतान और यूपीआई का तेजी से बढ़ता उपयोग माना जा रहा है. यूपीआई और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के बढ़ने के बाद लोगों ने एटीएम से नकदी निकालना काफी कम कर दिया है.
इसके साथ ही एटीएम संचालित करने की लागत लगातार बढ़ रही है. कैश पहुंचाने के लिए ईंधन खर्च, परिवहन, सुरक्षा गार्ड, कर्मचारियों का वेतन और मशीनों के रखरखाव पर अधिक खर्च करना पड़ता है. दूसरी ओर, कैश निकासी घटने से ऑपरेटरों की आय पर असर पड़ रहा है.
कैश निकासी में आई बड़ी गिरावट
आंकड़ों के अनुसार, साल 2023 में हर महीने एटीएम से करीब 57 करोड़ कैश निकासी के ट्रांजैक्शन होते थे. यह संख्या 2025 तक घटकर लगभग 43.95 करोड़ रह गई. डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन ने लोगों की नकदी पर निर्भरता कम कर दी है और अब अधिकतर भुगतान ऑनलाइन किए जा रहे हैं.
SBI ने क्या कहा?
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का कहना है कि यह स्थिति स्थायी नहीं है. बैंक के अनुसार, देश में कैश की कोई कमी नहीं है. समस्या केवल कुछ एटीएम तक सीमित है, जहां समय पर नकदी नहीं पहुंच पाने के कारण ग्राहकों को परेशानी हो रही है. बैंक का दावा है कि कैश सप्लाई की व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी.
क्या है पूरी तस्वीर?
फिलहाल एटीएम कैश संकट का कारण केवल नकदी की कमी नहीं, बल्कि बदलती बैंकिंग आदतें, डिजिटल भुगतान का बढ़ता इस्तेमाल, बढ़ती परिचालन लागत और कैश वितरण की चुनौतियां हैं. CATMi ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए जल्द समाधान की मांग की है, जबकि SBI का कहना है कि ग्राहकों को ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है और समस्या अस्थायी है.

