Regime Change in Serbia After Gen Z Protest: जेन जी (15 साल से 29 साल युवा) एक और देश में सत्ता बदल दी है। सर्बिया राष्ट्रपति चुनाव (Serbia President Election) में Gen Z 14 साल से सत्ता पर काबिज पुतिन समर्थक राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक (Aleksandar Vucic) को उखाड़ फेंका है। भ्रष्टाचार विरोधी छात्र आंदोलनों से उभरी ‘स्टूडेंट लिस्ट’ ने 14 साल से सत्ता पर काबिज सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी को मात देकर संसद में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। चुनाव नतीजों के रुझान सामने आने के बाद पूर्व राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने अपनी हार स्वीकार कर ली है।

स्वतंत्र पोलिंग एजेंसियों के शुरुआती रुझानों के अनुसार ‘स्टूडेंट लिस्ट, स्टूडेंट्स विन’  को 52% यानी 22 लाख (2.2 मिलियन) वोट मिले हैं, जो बहुमत के आंकड़े से काफी आगे है। वहीं वुसिक के गठबंधन ‘अलेक्जेंडर वुसिक यूनाइटेड सर्बिया’ को महज 39.3% 17.2 लाख (1.72 मिलियन) वोट हासिल हुए।

पुतिन समर्थक राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने अपनी पार्टी की हार स्वीकार कर ली है। शुरुआती नतीजों के आधार पर वुसिक ने घोषणा की कि विपक्षी दल ‘स्टूडेंट लिस्ट’ ने संसद में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है और वह अगली सरकार बनाने जा रही है। वुसिक ने कहा, ‘वोटों के रुझानों से यह साफ है कि हम चुनाव हार गए हैं। उन्होंने माना कि विपक्षी गुट ने निर्णायक जीत हासिल की है। संसद में सीटों के संभावित बंटवारे के बारे में बात करते हुए, वुसिक ने कहा कि स्टूडेंट लिस्ट आसानी से अगली सरकार बना लेगी। उन्होंने अपनी पार्टी की हार के लिए सर्बिया की स्वतंत्र मीडिया, कुछ यूरोपीय देशों के कथित हस्तक्षेप और अमेरिकी डीप स्टेट को जिम्मेदार ठहराया है।

ट्रेन स्टेशन की कैनोपी गिरने के बाद से हो रहा था प्रोटेस्ट

दरअसल 14 साल से सत्ता पर काबिज राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक के खिलाफ पिछले दो सालों से जेन जी प्रदर्शन कर रहे थे। साल 2024 में नोवी साद शहर में ट्रेन स्टेशन की कैनोपी गिरने से 16 लोगों की मौत के बाद उनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जेन-जी उनके खिलाफ लगातार प्रोटेस्ट कर रहे थे। साथ ही Gen Z छात्रों ने खुद का ‘स्टूडेंट लिस्ट’ नाम से पार्टी बनाई थी। बेलग्रेड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और छात्र आंदोलन के प्रमुख उम्मीदवार रादोमिर साइसिक ने इसे ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह डर पर साहस की, निराशा पर उम्मीद की जीत है। यह जीत किसी एक का निजी ट्रॉफी नहीं, बल्कि पूरे सर्बियाई नागरिकों की जीत है।

कैसे शुरू हुआ था यह छात्र आंदोलन?

यह ऐतिहासिक जन-आंदोलन नवंबर 2024 में नोवी साद रेलवे स्टेशन की शेड/छत गिरने से शुरू हुआ था। हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई थी। इस त्रासदी ने सरकारी भ्रष्टाचार, लापरवाही और जवाबदेही की कमी के खिलाफ देशव्यापी गुस्से को जन्म दिया, जिसने लगभग दो साल तक विश्वविद्यालय की नाकेबंदी और व्यापक विरोध प्रदर्शनों का रूप ले लिया।

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