कुरुक्षेत्र। जिले की शाहाबाद अनाज मंडी में दर्दनाक हादसे में 27 वर्षीय महिला मजदूर हसीना खातून की मौत हो गई। वह यमुनानगर के बिलासपुर गांव की रहने वाली थी और फिलहाल शाहाबाद की अटारी कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रह रही थी।


सुबह 4 बजे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, हसीना रोज की तरह सुबह करीब चार बजे मंडी में सफाई और गेहूं इकट्ठा करने का काम कर रही थी। इसी दौरान वह गेहूं के रैक के नीचे गिरी फसल को इकट्ठा कर रही थी, तभी अचानक करीब 700 बोरियों से भरा रैक भरभराकर उसके ऊपर गिर गया।
बोरियों के भारी दबाव से उसके सिर और माथे पर गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।


मजदूरों ने निकाला, लेकिन बच नहीं सकी जान
मौके पर मौजूद मजदूरों ने तुरंत बोरियां हटाकर उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।


परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हसीना खातून चार छोटे बच्चों की मां थी। पति राहुल कुमार के अनुसार, वह रोज की तरह काम पर गई थी, लेकिन कुछ ही देर में यह हादसा हो गया।


सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे ने मंडी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—

इतनी भारी संख्या में बोरियों का असुरक्षित तरीके से रैक लगाना

देर रात मजदूरों का बिना निगरानी काम करना

चौकीदारों की लापरवाही और वाहनों की जांच न होना

प्रशासन का पक्ष
मंडी सचिव कृष्ण मलिक ने कहा कि सीजन के दौरान मजदूरों का देर रात तक आना-जाना सामान्य है और मामले की जांच की जा रही है।
वहीं थाना प्रभारी जगदीश चंद के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला बोरियों के पास गेहूं इकट्ठा कर रही थी, इसी दौरान रैक खिसक गया और हादसा हो गया।पुलिस ने पति के बयान पर इत्तेफाकिया कार्रवाई दर्ज की है।
यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए त्रासदी है, बल्कि मंडी में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा करता है।