अजयारविंद नामदेव, शहडोल। शहडोल जिले के गोहपारू स्थित सीनियर आदिवासी कन्या आश्रम छात्रावास का मामला उस वक्त तूल पकड़ लिया, जब 6वीं और 8वीं के छात्र-छात्राएं करीब 50 किलोमीटर का सफर तय कर अपनी फरियाद लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए। जहां उन्होंने छात्रावास की अधीक्षिका सावित्री एपीआर पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही छात्रों ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर आनंद राय सिन्हा से शिकायत दर्ज कराई है।
छात्रों का आरोप है कि छात्रावास में उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उनसे जबरन टॉयलेट साफ करवाया जाता है, खाना बनवाया जाता है और छोटी-छोटी बातों पर मारपीट की जाती है। छात्रों ने बताया कि कई बार विरोध करने पर उन्हें धमकाया भी गया। प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने लंबा सफर तय कर सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
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कार्रवाई का मिला आश्वासन
सहायक आयुक्त आनंद राय सिन्हा ने छात्रों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्र-छात्राओं के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और अगर आरोप सही पाए गए तो सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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इस घटना ने जनजातीय छात्रावासों की व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और छात्रों को न्याय कब तक मिल पाता है। फिलहाल छात्रों को निष्पक्ष जांच और सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया है।

