अजयारविंद नामदेव, शहडोल। बिना किसी की बात सुने, बिना किसी फिल्टर के अपनी बात सीधे कलेक्टर तक पहुंचाने का यह अंदाज ही तो Gen-Alpha और Gen-Z वाइब्स है! शहडोल के सोहागपुर-कंचनपुर स्थित माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर की सैकड़ों आदिवासी छात्राएं हॉस्टल की लचर व्यवस्थाओं और समस्याओं से तंग आकर सीधे ग्राउंड पर उतर आईं। ‘नो टाइम फॉर एक्सक्यूज’ के मूड में छात्राएं खेत-खलिहान और सड़कें पार करते हुए पैदल ही कलेक्टर ऑफिस की ओर मार्च करने लगीं।
छात्राओं का एक ही क्लियर मैसेज था कि ‘हमें किसी अफ़सर से कोई बातचीत नहीं करनी, हम तो सीधा कलेक्टर सर से ही आमने-सामने बात करेंगे!’
छात्राओं के इस अनपेक्षित और बेबाक रवैये ने पूरे प्रशासनिक तंत्र की नींद उड़ा दी। जब अफ़सरों को भनक लगी तो आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त और एसडीएम सहित पूरा अमला छात्राओं के पीछे-पीछे दौड़ता और उन्हें मनाता नजर आया।
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अफसर मनाते रहे, छात्राएं अड़ी रहीं; हॉस्टल व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल
मामला शहडोल जिले के माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर, सोहागपुर-कंचनपुर से जुड़ा बताया जा रहा है। छात्राओं के अचानक छात्रावास से बाहर निकलने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया, छात्राओं को रोकने और उनसे बातचीत करने के लिए आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त आनंद राय सिन्हा, एसडीएम सहित अन्य अधिकारी उनके पीछे-पीछे दौड़ते नजर आए।
छात्राओं को अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं अपनी समस्याएं सीधे कलेक्टर के सामने रखने की जिद पर अड़ी रहीं, छात्राओं के इस तरह छात्रावास से बाहर निकलकर कलेक्टर से मिलने जाने के बाद छात्रावास की व्यवस्थाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
Gen-Z जैसा बेबाक अंदाज
Gen-Z को लेकर अक्सर कहा जाता है कि यह पीढ़ी सवाल पूछने, अपनी बात खुलकर रखने और अपने अधिकारों को लेकर मुखर रहने से पीछे नहीं हटती, शहडोल में Gen-Alpha छात्राओं का यह कदम भी इसी तरह की मुखरता की तस्वीर पेश करता नजर आया, हालांकि छात्राओं की वास्तविक समस्या क्या है, यह अभी सामने नहीं आई है।
अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसी कौन-सी समस्या है, जिसके लिए छात्राओं को हॉस्टल से निकलकर खुद कलेक्टर तक पहुंचने की जरूरत महसूस हुई, प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।
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कलेक्टर का बयान
वहीं इस पूरे मामले में कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने बताया कि कुछ समस्याओं को लेकर छात्राएं बाहर निकली हैं। अभी छात्राओं ने अपनी समस्या स्पष्ट रूप से नहीं बताई है। एसडीएम और सहायक आयुक्त उनसे बातचीत करने का प्रयास कर रहे हैं। छात्राओं की शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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