पटना। देशभर में शक्ति की आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्र आज से शुरू हो चुका है। पहले ही दिन श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार का नवरात्र कई मायनों में बेहद खास है, क्योंकि विशेष योग-संयोग के साथ यह पर्व पूरे 10 दिनों का होगा।
दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग और 10 दिनों का नवरात्र
पंचांग के अनुसार, रविवार को आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि पर चित्रा नक्षत्र, वैधृति योग, द्विपुष्कर योग, बव करण और तुला लग्न का अद्भुत संयोग बन रहा है। इस बार अष्टमी तिथि दो दिन पड़ने के कारण नवरात्र 10 दिनों तक मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र में नवरात्रि की तिथियों का बढ़ना बेहद शुभ और कल्याणकारी माना जाता है, जिससे भक्तों को माता की साधना और पूजा के लिए अधिक समय मिलेगा।
बांका और बक्सर में उमड़े श्रद्धालु
नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही धार्मिक स्थलों पर भक्तों का तांता लगा रहा। बांका के प्रसिद्ध तिलडीहा दुर्गा मंदिर में माता के दर्शन और जलाभिषेक के लिए अहले सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रिपोर्ट के मुताबिक, पहले ही दिन करीब 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक किया। वहीं दूसरी ओर, बक्सर के हादेवा घाट पर गंगा स्नान करने और कलश भरने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
शक्तिपीठ बड़ी पटन देवी मंदिर की महिमा
राजधानी पटना के ऐतिहासिक बड़ी पटन देवी मंदिर में भक्तों की 200 मीटर लंबी कतारें लगी हैं। यह मंदिर देश के 51 शक्तिपीठों में से एक है। मंदिर के गर्भ गृह में मां महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की दुर्लभ प्रतिमाएं काले पत्थर पर उत्कीर्ण हैं, जिनकी पूजा हर साल नवरात्रि में अत्यंत धूमधाम से की जाती है। इसके अलावा, यहां भगवान भैरव की प्रतिमा भी स्थापित है।
माता को अर्पित किए जाते हैं विशेष भोग
मंदिर के महंत के अनुसार, प्रतिपदा से लेकर विसर्जन के दसवें दिन तक माता को अलग-अलग तिथियों पर विशेष व्यंजनों का भोग लगाया जाता है। इसमें खीर, हलवा और पुआ प्रमुख हैं, जबकि शनिवार के दिन माता को विशेष रूप से खिचड़ी का भोग अर्पित किया जाता है। पूरे बिहार में भक्तिमय माहौल से चारों तरफ का वातावरण गुंजायमान हो उठा है।

