सोहराब आलम, पूर्वी चंपारण। मोतिहारी जिले के सिकरहना (सिकरगंज) थाना क्षेत्र अंतर्गत भगवतपुर भलुआहिया गांव में रविवार को कछुआ नदी पर अंग्रेजों के जमाने में बना ऐतिहासिक पुल अचानक ढह गया। इस भीषण हादसे में पुल के मलबे के नीचे दबने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुल गिरते ही पूरे इलाके में भगदड़ और चीख-पुकार मच गई।

​घास काटने जा रहे ग्रामीण बने हादसे का शिकार

​मिली जानकारी के मुताबिक, स्थानीय ग्रामीण पैदल ही कछुआ नदी पर बने इस पुराने पुल से होकर घास काटने के लिए जा रहे थे। जैसे ही वे पुल के बीच पहुंचे, अचानक पुल का एक बड़ा हिस्सा धंस गया और देखते ही देखते नदी में जा गिरा। पुल पर मौजूद लोगों को संभलने तक का अवसर नहीं मिला और वे भारी-भरकम मलबे के नीचे दब गए। तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और अपने स्तर पर राहत व बचाव कार्य शुरू किया।

​घायलों को ढाका अस्पताल से किया गया रेफर

​स्थानीय निवासियों की सहायता से मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालकर तुरंत ढाका अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद चारों घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया है। हादसे की खबर मिलते ही सिकरगंज के थानाध्यक्ष गोपाल कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

​रेस्क्यू टीम भी आई हादसे की चपेट में

​राहत और बचाव अभियान के दौरान एक और खौफनाक मोड़ आया, जब मलबे को हटाने और दबे लोगों को निकालने में जुटी रेस्क्यू टीम भी अचानक हादसे की चपेट में आ गई। हालांकि, ईश्वर की कृपा से टीम के सभी कर्मचारी बाल-बाल बच गए और कोई नई अनहोनी नहीं हुई।

​रखरखाव पर उठे गंभीर सवाल

​अंग्रेजों के जमाने के इस पुराने पुल के अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह जाने से इसके रखरखाव और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों में इस जर्जर ढांचे को लेकर भारी आक्रोश और डर का माहौल है।