Business Desk- Share Market Investment : निवेशक शिपिंग सेक्टर की एक पब्लिक सेक्टर कंपनी, Dredging Corporation of India के स्टॉक पर लगातार नजर रखे हुए हैं. पिछले दो दिनों में, स्टॉक में 30 प्रतिशत की तेजी आई है. बुधवार को, स्टॉक में 14 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त देखी गई. यह इंट्राडे में 1,155 के ऊपरी स्तर पर पहुंच गया.

कंपनी के स्टॉक में यह तेजी उसके तिमाही नतीजों की वजह से आई है. कंपनी ने बताया कि चौथी तिमाही में वह फिर से मुनाफे में आ गई है, जो पिछले साल हुए घाटे के मुकाबले एक बड़ा बदलाव है. कंपनी को रेवेन्यू के मामले में भी सफलता मिली है.
कंपनी के तिमाही नतीजे
Dredging Corporation of India ने चौथी तिमाही में 87 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफ़ा दर्ज किया, जो पिछले साल हुए 25 करोड़ के शुद्ध घाटे के मुकाबले एक बड़ी सुधार है. कंपनी का रेवेन्यू भी 73.2 प्रतिशत बढ़कर 478 करोड़ हो गया, जो पिछले साल 276 करोड़ था.
कंपनी का ऑपरेटिंग मुनाफा जिसे EBITDA भी कहते हैं. इस तिमाही में बढ़कर 143 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह 33 करोड़ था. कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 12% से बढ़कर 30% हो गया.
कंपनी का रेवेन्यू लक्ष्य
Dredging Corporation of India के मैनेजमेंट ने बताया कि कंपनी का लक्ष्य लगातार ग्रोथ करना और भारत के ड्रेजिंग उद्योग में अपनी स्थिति को मजबूत बनाना है. स्टॉक एक्सचेंज में दी गई जानकारी में कंपनी ने बताया कि उसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 में कुल 1,500 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना है.
अकाउंटिंग में गलती का पता चला
इसके अलावा, Dredging Corporation of India ने बताया कि उसने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए रेवेन्यू और खर्च के कुछ आंकड़ों में बदलाव किया है, क्योंकि सब-कॉन्ट्रैक्टिंग के काम के लिए मिली एडवांस पेमेंट से जुड़ी अकाउंटिंग में एक गलती का पता चला था.
कंपनी को Inland Waterways Authority of India (IWAI) से 14.81 करोड़ की एडवांस पेमेंट मिली थी. यह काम DCI को दिया गया था, जिसने बाद में इसे ‘बैक-टू-बैक’ आधार पर किसी दूसरी कंपनी को सब-कॉन्ट्रैक्ट कर दिया था. DCI ने बाद में सब-कॉन्ट्रैक्टर को ठीक उतनी ही रकम 14.81 करोड़ एडवांस पेमेंट के तौर पर दी.
मुनाफे पर कोई असर नहीं
लेकिन, कंपनी ने गलती से इन दोनों लेन-देनों को अपनी बैलेंस शीट में एडवांस पेमेंट के बजाय रेवेन्यू और सब-कॉन्ट्रैक्टिंग खर्च के तौर पर दर्ज कर लिया. इस गलती की वजह से वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बताए गए रेवेन्यू और खर्च, असल आंकड़ों के मुकाबले ज्यादा दिखे.
Dredging Corporation of India ने आगे यह भी साफ किया कि इस अकाउंटिंग सुधार का उसके मुनाफे पर कोई असर नहीं पड़ा, क्योंकि रेवेन्यू और खर्च की रकम बिल्कुल बराबर थी.

