Business Desk – Share Market Live : भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा चढ़ा और निफ्टी 23,200 के पार निकल गया, लेकिन बाद में मुनाफावसूली और चुनिंदा सेक्टरों में बिकवाली के चलते बाजार अपनी ऊपरी बढ़त गंवा बैठा. दिन के उच्च स्तर से सेंसेक्स करीब 400 अंक फिसल गया, जबकि निफ्टी 23,150 के आसपास कारोबार करता दिखा.

बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में देखने को मिला. हालांकि बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में खरीदारी ने बाजार को कुछ सहारा दिया. निवेशकों की नजर घरेलू और वैश्विक संकेतों के साथ-साथ चुनिंदा कॉरपोरेट घटनाक्रमों पर भी बनी हुई है.
शुरुआती तेजी के बाद कमजोर पड़ा बाजार
कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रही थी. ईरान-इजराइल तनाव में नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में राहत से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी ने अच्छी बढ़त के साथ शुरुआत की. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा उछला, जबकि निफ्टी 23,200 के ऊपर पहुंच गया था.
हालांकि, दिन चढ़ने के साथ बाजार में मुनाफावसूली बढ़ी और प्रमुख सूचकांक अपनी ऊपरी बढ़त से नीचे आ गए. आईटी और मेटल शेयरों में बिकवाली का असर बाजार पर साफ दिखाई दिया.
IT और मेटल सेक्टर पर दबाव
मंगलवार के कारोबार में आईटी शेयरों में कमजोरी देखने को मिली. तकनीकी शेयरों पर दबाव के कारण निफ्टी आईटी इंडेक्स पिछड़ता नजर आया. वहीं मेटल शेयरों में भी बिकवाली का माहौल रहा, जिससे बाजार की तेजी सीमित हो गई. दूसरी ओर बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और रियल्टी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली, जिसने बाजार को बड़ी गिरावट से बचाने में मदद की.
इन शेयरों पर रही निवेशकों की नजर
आज के कारोबार में कई कंपनियों के शेयर फोकस में रहे. इनमें एनएलसी इंडिया, आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स, पैनेशिया बायोटेक, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, रेल विकास निगम (RVNL), जेएनके इंडिया, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज और एनआरबी बेयरिंग्स शामिल रहे.
आरवीएनएल के शेयर रेलवे से नया ऑर्डर मिलने की खबर के बाद चर्चा में रहे, जबकि एनएलसी इंडिया के शेयर सरकार की हिस्सेदारी बिक्री (OFS) की घोषणा के बाद फोकस में रहे.
वैश्विक संकेतों का असर
वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों का असर भी भारतीय बाजार पर दिखा. पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर निवेशकों की नजर बनी हुई है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय कर सकती हैं.
निवेशकों की नजर आगे किन बातों पर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री और प्रमुख कॉरपोरेट घोषणाएं बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं. इसके अलावा आईटी और बैंकिंग सेक्टर के प्रदर्शन पर भी निवेशकों की नजर बनी रहेगी.

