ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद भारतीय आर्मी ने इस बात का खुलासा किया था कि पाकिस्तान ने गोल्डन टेंपल को निशाना बनाने की कोशिश की थी। पवित्र स्थल में आंच नहीं आए इसके किए सेना ने वहां एयर डिफेंस गन तैनात करने की अनुमति मांगी और उसके बाद उसे तैनात कर दिया। इस सब मामले पर अब इस पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर ने बड़ा बयान दिया है और आर्मी के दावों को खंडन किया है।
ज्ञानी रघबीर सिंह ने इस पूरे मामले में कहा भारत-पाक के बीच लड़ाई शुरू से पहले ही वह विदेशी दौरे पर जा चुके थे। जब लड़ाई खत्म हो गई थी तब वह वापिस लौटे थे। इसलिए आर्मी जो दावे कर रही है, उसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे साथ कोई संपर्क नहीं किया गया। केंद्र सरकार को इस दावे की जांच करनी चाहिए।

आर्मी का यह था दावा
आपको बता दे कि मेजर जनरल शेषाद्रि ने कहा कि ‘पाकिस्तान की मंशा यह थी कि स्वर्ण मंदिर पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करें। हमें जैसे ही इसकी पुख्ता जानकारी मिली हमने उसी समय कार्रवाई करते हुए आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियां जैसे कि आकाश मिसाइल सिस्टम और L-70 एयर डिफेंस गन को तैनात किया।
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