ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद भारतीय आर्मी ने इस बात का खुलासा किया था कि पाकिस्तान ने गोल्डन टेंपल को निशाना बनाने की कोशिश की थी। पवित्र स्थल में आंच नहीं आए इसके किए सेना ने वहां एयर डिफेंस गन तैनात करने की अनुमति मांगी और उसके बाद उसे तैनात कर दिया। इस सब मामले पर अब इस पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर ने बड़ा बयान दिया है और आर्मी के दावों को खंडन किया है।
ज्ञानी रघबीर सिंह ने इस पूरे मामले में कहा भारत-पाक के बीच लड़ाई शुरू से पहले ही वह विदेशी दौरे पर जा चुके थे। जब लड़ाई खत्म हो गई थी तब वह वापिस लौटे थे। इसलिए आर्मी जो दावे कर रही है, उसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे साथ कोई संपर्क नहीं किया गया। केंद्र सरकार को इस दावे की जांच करनी चाहिए।

आर्मी का यह था दावा
आपको बता दे कि मेजर जनरल शेषाद्रि ने कहा कि ‘पाकिस्तान की मंशा यह थी कि स्वर्ण मंदिर पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करें। हमें जैसे ही इसकी पुख्ता जानकारी मिली हमने उसी समय कार्रवाई करते हुए आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियां जैसे कि आकाश मिसाइल सिस्टम और L-70 एयर डिफेंस गन को तैनात किया।
- मलेरिया का कहर: कोटा क्षेत्र में 10 दिनों में मिले 25 मरीज, 356 ग्रामीणों की जांच में 3 नए संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय
- Kulgam Terror Attack: आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के एक मजदूर की मौत, दूसरा घायल, CM साय ने जताया दुख, कहा- पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है सरकार
- हाईकोर्ट का अदालतों को निर्देश, सांसद और विधायकों से जुड़े आपराधिक मामलों की जल्द हो सुनवाई
- BJP अवध एक्सप्रेस से सत्ता में आई थी और अयोध्या एक्सप्रेस से… राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर अखिलेश यादव का BJP पर हमला, जानिए क्या कहा?
- एंबुलेंस बनी मौत की सवारी : डॉक्टर की परमिशन का बहाना बनाकर नहीं दी ऑक्सीजन, मंत्री के जिले में सिस्टम ने ली एक और जान


