अमित पांडेय, सीधी। कहते हैं कि मेहनत और लगन से किया गया काम हमेशा मंजिल और ऊंचाइयों की परवान चढ़ता है। जी हां… सीधी जिले से लगभग 30 किलोमीटर दूर खोरबा टोला की करीब 30 महिलाओं ने मेहनत और हुनर से ‘पंजा दरी’ से करीब 25 लाख रुपये का कारोबार खड़ा किया है। सलमा स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद दरी में नए डिजाइन और आकर्षक पैटर्न तैयार किए जाते हैं जहां स्थानीय बाजार से निकलकर रीवा, सतना, सिंगरौली, भोपाल, दिल्ली और इंदौर तक इनकी मांग बढ़ी।
सीधी की ‘पंजा दरी’ बनेगी विदेशियों की पसंद
अब अमेरिका का ऑर्डर इस हुनर को नई पहचान देने तैयार है। खोरबा टोला के मोहम्मद जमीर का पुस्तैनी हाथ से बनी पंजा दरी अब विदेशों में बिकेगी। कभी स्थानीय बाजार तक सीमित यह हुनर अब विदेशों में पसंद की जाएगी। पहली बार उतर प्रदेश की कंपनी के माध्यम से अमेरिका से पहली बार पांच दरियों का ऑर्डर मिला है, जिसकी कीमत करीब 25 हजार रुपये प्रति दरी है।
सांसद ने कटहल, महुए के लड्डू सहित कोदो के लिए विश्व स्तर पर पहचान दिलाने की बात कही
वहीं मो. जमीर ने खुशी जाहिर कर जिले के लिए गौरव की बात कही। वहीं तो सांसद राजेश मिश्रा ने खुशी जाहिर कर जिले में कटहल, महुए के लड्डू सहित कोदो के लिए विश्व स्तर पर पहचान दिलाने की बात कही। आजीविका मिशन विभाग भी खुशी जाहिर कर आगे और अच्छे की उम्मीद कर रहे हैं।
एक महीने में तैयार होती है डिजाइन वाली दरी
सामान्य दरी पांच दिन, जबकि डिजाइन वाली दरी बनाने में 25 से 30 दिन लगते हैं। संचालक की माने तो अब अमेरिका से पांच दरियों का ऑर्डर मिला है, हमारे लिए यह बहुत खुशी और गर्व की बात है। गांव के करघे से शुरू हुआ सफर अब ग्लोबल बाजार तक पहुंच चुका है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


