Lifestyle Desk: राखी का त्योहार भाई-बहन के प्यार और खुशियों के साथ-साथ मिठाई, नमकीन, दही-भल्ला, चाट-पकौड़ी और तरह-तरह के पकवानों का भी त्योहार है। घर में एक के बाद एक डिश सामने आती है और स्वाद के चक्कर में लोग जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। त्योहार के माहौल में अक्सर इस बात का अंदाजा नहीं लग पाता कि पेट अपनी क्षमता से ज्यादा खाना ले चुका है। कुछ देर बाद पेट में भारीपन, गैस, अपच, मतली, डकार या एसिडिटी जैसी समस्याएं परेशान करने लगती हैं। कई बार ज्यादा खाने के बाद उल्टी जैसा महसूस होने लगता है।

ऐसे में बहुत से लोग शरीर को ‘डिटॉक्स’ करने के लिए अलग-अलग नुस्खे अपनाते हैं। हालांकि शरीर को किसी खास डिटॉक्स ड्रिंक या क्रैश डाइट से साफ करने की जरूरत आमतौर पर नहीं होती। लिवर और किडनी शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं। ज्यादा खाने के बाद सबसे जरूरी है कि पाचन तंत्र को थोड़ा आराम दिया जाए और कुछ आसान आदतों को अपनाया जाए।

पानी पिएं, लेकिन धीरे-धीरे

ओवरईटिंग के बाद पर्याप्त मात्रा में पानी पीना मददगार हो सकता है। हालांकि एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पिएं। इससे शरीर हाइड्रेटेड रहता है और खाना पचाने की सामान्य प्रक्रिया में मदद मिलती है। बहुत मीठे, कार्बोनेटेड या अत्यधिक कैफीन वाले पेय से इस समय दूरी बनाना बेहतर है।

तुरंत लेटने से बचें

त्योहार में खाना खाने के बाद अक्सर लोग सोफे या बिस्तर पर लेट जाते हैं। अगर पेट बहुत भरा हुआ है तो तुरंत लेटने से एसिडिटी या सीने में जलन की समस्या बढ़ सकती है। कोशिश करें कि खाने के बाद कुछ समय सीधे बैठें। हल्की चाल से थोड़ी देर टहलना भी भारीपन कम करने में मदद कर सकता है।

अगला खाना हल्का रखें

अगर एक मील में जरूरत से ज्यादा खाना हो गया है तो अगली मील को भी भारी बनाने की जरूरत नहीं है। पेट को आराम देने के लिए अगला भोजन हल्का और सामान्य मात्रा में रखें। खिचड़ी, दलिया, हल्की दाल-चावल या सब्जियों जैसे आसानी से पचने वाले विकल्प लिए जा सकते हैं। हालांकि लंबे समय तक खाना छोड़ना या क्रैश डाइट करना सही तरीका नहीं है।

मसालेदार और तला हुआ खाना कुछ समय रोकें

ओवरईटिंग के बाद दोबारा तली-भुनी, बहुत मसालेदार या बेहद मीठी चीजें खाने से पाचन संबंधी परेशानी बढ़ सकती है। खासकर अगर पहले से एसिडिटी महसूस हो रही हो तो कुछ समय तक हल्का भोजन करना बेहतर रहेगा।

“डिटॉक्स” के नाम पर न अपनाएं हर नुस्खा

त्योहार के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के डिटॉक्स ड्रिंक, जूस फास्ट और खाने से जुड़ी सलाह वायरल होती हैं। लेकिन हर व्यक्ति के लिए ऐसे तरीके सुरक्षित या जरूरी नहीं होते। सिर्फ ज्यादा खाना खाने के बाद शरीर को ‘डिटॉक्स’ करने के लिए भूखे रहना या केवल जूस पर निर्भर रहना उचित नहीं है। सामान्य खान-पान और पर्याप्त आराम पर लौटना ज्यादा जरूरी है।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर ज्यादा खाने के बाद सिर्फ हल्का भारीपन है तो आमतौर पर आराम और सामान्य खान-पान से स्थिति बेहतर हो सकती है। लेकिन लगातार उल्टी, तेज या असहनीय पेट दर्द, सांस लेने में परेशानी, खून की उल्टी या ऐसे लक्षण जो लगातार बने रहें, उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

त्योहार का मजा लेने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन खाने की मात्रा पर थोड़ा ध्यान रखना भी जरूरी है। पसंदीदा चीजों का स्वाद लें, मगर पेट की क्षमता से ज्यादा खाने से बचें, ताकि राखी की खुशियां अपच और एसिडिटी की परेशानी में न बदल जाएं।

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