सुरेश पाण्डेय, सिंगरौली। सिंगरौली जिले में हुई मूसलाधार बारिश ने प्रशासनिक दावों और सड़क निर्माण कंपनियों की भारी लापरवाही को पूरी तरह उजागर कर दिया है। एक तरफ जहां 15 सालों से अधूरा पड़ा नेशनल हाईवे-39 पहली ही तेज बारिश में कट गया, वहीं दूसरी तरफ औद्योगिक लापरवाही के चलते हिंडाल्को कंपनी के ऐश डैक की बाउंड्री वॉल टूटने से ग्रामीणों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।
NH-39 पर पुलिया क्षतिग्रस्त, वाहनों के थमे पहिए
सीधी–सिंगरौली को जोड़ने वाले NH-39 बरगवां–देवसर मार्ग पर सजहर जंगल के पास खाखन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। देवसर से आगे हाइवे निर्माण कंपनी द्वारा अधूरे छोड़े गए पुल का निर्माण और क्षतिग्रस्त पुलिया के ऊपर से तेज रफ्तार पानी बहने के कारण हाईवे पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
वहीं पानी के तेज बहाव में एक मोटरसाइकिल के बह जाने की सूचना भी सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। मौके की संवेदनशीलता को देखते हुए जियावन पुलिस और सिंगरौली पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए उफनते पानी वाले स्थान पर वाहनों व आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है। 15 साल से लगातार होते उद्घाटनों के बावजूद हाईवे अधूरा रहने पर अब स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।

हिंडाल्को के ऐश डैक की बाउंड्री टूटी, फसलें तबाह
दूसरी तरफ बरगवां के ओडगड़ी क्षेत्र में स्थित हिंडाल्को कंपनी के ऐश डैक की बाउंड्री वॉल अचानक टूट गई। ऐश डैक से निकले राख और जहरीले पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से ग्रामीणों की कई एकड़ फसल बर्बाद होने के कगार पर है।

ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि डैक में लीकेज और दरारों की शिकायत उन्होंने पूर्व में भी प्रबंधन से की थी, लेकिन समय रहते ध्यान नहीं दिया गया। हर्रहवा कांड के बाद अब बरगवां में हुई इस घटना ने कंपनी और स्थानीय प्रशासन के सुरक्षा इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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