अजयारविंद नामदेव, शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में कलेक्टर पार्थ जायसवाल का एक अनोखा अंदाज देखने को मिला। कलेक्टर साहब जब स्कूल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे, तो कुछ ही देर में माहौल ऐसा बदला कि बच्चे उन्हें कलेक्टर नहीं बल्कि अपना टीचर समझकर बेझिझक सवालों के जवाब देने लगे। कभी सामान्य ज्ञान, कभी 12, 15 और 19 के पहाड़े, कलेक्टर ने बच्चों की क्लास ली और बच्चों ने भी पूरे आत्मविश्वास से जवाब देकर बता दिया कि तैयारी पक्की है। शहडोल के पटासी स्कूल में कलेक्टर पार्थ जायसवाल का यह अंदाज अब चर्चा में है।

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सोहागपुर के पटासी स्कूल में औचक निरीक्षण

शहडोल कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने जनपद पंचायत सोहागपुर के एकीकृत शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय पटासी का औचक निरीक्षण किया, स्कूल पहुंचते ही उन्होंने कक्षा में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से बातचीत शुरू कर दी। कभी सामान्य ज्ञान का सवाल पूछा तो कभी 12, 15 और 19 के पहाड़े सुनाने को कहा।

मासूमों ने आत्मविश्वास से दिए जवाब

अचानक कलेक्टर के सामने सवालों का सामना कर रहे बच्चों ने भी आत्मविश्वास के साथ जवाब दिए, विद्यार्थियों के जवाब संतोषजनक रहे। बच्चों के साथ इस संवाद के दौरान कलेक्टर ने उनकी पढ़ाई और स्कूल आने से जुड़ी जानकारी भी हासिल की। इसके बाद कलेक्टर ने विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर भी जानकारी ली।

‘कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे’- अधिकारियों और शिक्षकों को कड़े निर्देश

उन्होंने अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए कि अभिभावकों से लगातार संपर्क कर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, उनका स्पष्ट कहना था कि गांव का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।

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मध्याह्न भोजन और व्यवस्थाओं का भी लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था, भोजन वितरण, शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली गई, कलेक्टर ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश प्राचार्य को दिए। पटासी स्कूल में कुछ देर के लिए कलेक्टर का यह अंदाज बच्चों के बीच चर्चा का विषय रह, निरीक्षण की औपचारिकता से अलग बच्चों के बीच बैठकर सवाल जवाब करने का यह तरीका शिक्षा व्यवस्था को समझने का सीधा माध्यम भी बना।

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