सीवान। बिहार के सीवान जिले में ऑर्केस्ट्रा के नाम पर नाबालिग लड़कियों के शोषण और मानव तस्करी के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। आंदर और जीबी नगर थाना क्षेत्रों में पुलिस, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और दिल्ली के रेस्क्यू फाउंडेशन की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 10 नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया है। इस मामले में पुलिस ने ऑर्केस्ट्रा संचालन से जुड़े दो मुख्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।
संयुक्त ऑपरेशन और कार्रवाई का तरीका
यह छापेमारी अभियान पुलिस अधीक्षक (SP) पूरन कुमार झा के सख्त निर्देश पर चलाया गया। कार्रवाई का नेतृत्व एएचटीयू इंस्पेक्टर देवानंद कुमार, रेस्क्यू फाउंडेशन के संजय प्रसाद और सुजय दियासन ने किया। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने एक साथ दोनों थाना क्षेत्रों में स्थित ऑर्केस्ट्रा ठिकानों पर दबिश दी। रेस्क्यू की गई सभी लड़कियों की उम्र की पुष्टि के लिए प्रारंभिक जांच की गई, जिसमें वे सभी नाबालिग पाई गईं।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की रणनीति
रेस्क्यू के बाद सभी नाबालिग लड़कियों को तत्काल कानूनी प्रक्रिया के तहत मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जब तक न्यायालय में उनका बयान दर्ज नहीं हो जाता, तब तक इन सभी को बालिका गृह में सुरक्षित संरक्षण में रखा जाएगा। एसपी पूरन कुमार झा ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय फीडबैक के बाद इस अभियान को और अधिक आक्रामक बनाया गया है।
जिले भर में जारी है धर-पकड़
एसपी ने जानकारी दी कि सीवान में पिछले कुछ समय में पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए गए अभियानों में अब तक 100 से अधिक लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा के चंगुल से मुक्त कराया जा चुका है। उन्होंने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति ऑर्केस्ट्रा की आड़ में नाबालिगों से अवैध काम करवाएगा या मानव तस्करी में शामिल होगा, उस पर बाल संरक्षण कानून (POCSO) और देह व्यापार निरोधक धाराओं के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
इस लगातार हो रही कार्रवाई से अवैध ऑर्केस्ट्रा संचालकों में भारी हड़कंप मच गया है। पुलिस ने यह संकेत भी दिए हैं कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के बड़े सर्च ऑपरेशन जारी रहेंगे ताकि जिले को मानव तस्करी के इस जाल से पूरी तरह मुक्त किया जा सके।

