जुबैर अंसारी, सुपौल। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा और सतर्कता को पुख्ता करते हुए सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने एक बार फिर तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बीरपुर के अंतर्गत आने वाली सीमा चौकी सतना के जवानों ने 15 अगस्त 2026 की रात को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। स्वतंत्रता दिवस के जश्न और सुरक्षा के बीच जवानों ने नेपाल से भारत की ओर अवैध रूप से तस्करी कर लाई जा रही 126 लीटर नेपाली देशी शराब और एक अपाचे मोटरसाइकिल को अपने कब्जे में ले लिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान अंधेरे और घनी झाड़ियों का फायदा उठाकर तस्कर नेपाल की सीमा की तरफ फरार होने में कामयाब रहा।

​कैसे दिया गया कार्रवाई को अंजाम?

​घटना विवरण के अनुसार, 15 अगस्त 2026 को लगभग 20:45 बजे सीमा चौकी सतना के मुख्य द्वार पर नियमित सीमा सुरक्षा ड्यूटी चल रही थी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात सतर्क जवान ने देखा कि एक संदिग्ध व्यक्ति अपनी मोटरसाइकिल पर बोरियों में कुछ सामान लादकर सीमा स्तंभ संख्या 202/2 के समीप नेपाल की तरफ से भारत की सीमा में प्रवेश कर रहा है।
​ड्यूटी पर मुस्तैद जवान ने तुरंत अपनी पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए उस संदिग्ध तस्कर को रुकने का कड़ा इशारा किया। हालांकि, वर्दीधारी जवान को सामने देखकर तस्कर घबरा गया और वह अपनी मोटरसाइकिल के साथ-साथ तस्करी का पूरा सामान मौके पर ही छोड़कर फुर्ती के साथ वापस नेपाल की तरफ भाग निकला।

​तलाशी के दौरान बरामद हुआ भारी मात्रा में अवैध सामान

​तस्कर के भागने के बाद, सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पूरी सावधानी बरतते हुए मौके पर छोड़ी गई बोरियों और मोटरसाइकिल की गहन तलाशी ली। जब बोरियों को खोला गया तो उसमें से भारी मात्रा में अवैध नशे का सामान बरामद हुआ।

  • ​कुल बरामद शराब: नेपाली देशी शराब (दिलवाले ब्रांड)
  • ​बोतलों की संख्या: 420 बोतलें
  • ​कुल मात्रा: 126 लीटर
  • ​अन्य जब्ती: एक टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल (तस्करी में प्रयुक्त)

​जवानों द्वारा जब्ती की सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया गया। इसके बाद, जब्त की गई सभी 420 बोतल नेपाली शराब और मोटरसाइकिल को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए उत्पाद विभाग, सुपौल को विधिवत रूप से सुपुर्द कर दिया गया।

​सशस्त्र सीमा बल के जवानों का सराहनीय योगदान

​इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने में सीमा चौकी सतना के जवानों की भूमिका बेहद सराहनीय रही। इस पूरी ऑपरेशन का नेतृत्व मुख्य आरक्षी (सामान्य) इफ्तेखार अहमद खान ने किया, जिनके साथ अन्य समर्पित जवानों ने भी अपनी ड्यूटी का उत्कृष्ट निर्वहन करते हुए तस्कर के मंसूबों को नाकाम कर दिया। एसएसबी के इन जवानों की कर्तव्यनिष्ठा सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए एक मिसाल पेश करती है।

​अधिकारियों का संदेश: सीमा पर जारी रहेगी कड़ी निगरानी

​इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बीरपुर के कमांडेंट गौरव सिंह ने मीडिया को जानकारी दी कि सीमावर्ती इलाकों में किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों, तस्करी और घुसपैठ को रोकने के लिए बल पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
​उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीमा सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने के लिए सशस्त्र सीमा बल के द्वारा लगातार कड़ी सतर्कता बरती जा रही है और भविष्य में भी ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रभावी तथा सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।