Business Desk – Stock Market Update Today : भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 29 जून को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई. शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 350 अंक टूटकर 76,800 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि एनएसई निफ्टी भी करीब 100 अंक की गिरावट के साथ 24,000 के आसपास पहुंच गया. बाजार में सबसे ज्यादा दबाव ऑटो, IT और मेटल सेक्टर के शेयरों में देखने को मिला. निवेशक वैश्विक बाजारों के संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं.

बाजार खुलते ही बढ़ा बिकवाली का दबाव
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार में शुरुआत से ही बिकवाली का माहौल देखने को मिला. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते रहे. ऑटो, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और मेटल कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी रही, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ गया. हालांकि कुछ चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी भी देखने को मिली, लेकिन वह बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही. विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत और निवेशकों की सतर्क रणनीति के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है.
एशियाई बाजारों से मिले मिले-जुले संकेत
भारतीय बाजार पर एशियाई शेयर बाजारों का भी असर देखने को मिला. सोमवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा. कुछ बाजारों में बिकवाली हावी रही, जबकि कुछ प्रमुख इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए. निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की चाल पर बनी हुई है.
जापान और साउथ कोरिया के बाजार टूटे
साउथ कोरिया का कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स 177 अंक यानी 2.01% की गिरावट के साथ 8,269 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. वहीं जापान का निक्केई (Nikkei) इंडेक्स 491 अंक यानी 0.71% टूटकर 68,869 के स्तर पर पहुंच गया. दोनों प्रमुख एशियाई बाजारों में गिरावट का असर निवेशकों की धारणा पर भी देखने को मिला.
हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग में तेजी
दूसरी ओर हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग (Hang Seng) इंडेक्स मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया. इंडेक्स 444 अंक यानी 1.74% की बढ़त के साथ 23,116 के स्तर पर पहुंच गया. इससे एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला.
पिछले कारोबारी सत्र में बाजार बढ़त पर बंद हुआ था
इससे पहले गुरुवार, 25 जून को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ था. बीएसई सेंसेक्स 109 अंक की तेजी के साथ 77,100 पर बंद हुआ था. वहीं निफ्टी 34 अंक चढ़कर 24,056 के स्तर पर बंद हुआ था. पिछले सत्र की तेजी के बाद सोमवार को बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के दबाव के चलते गिरावट देखने को मिली.
निवेशकों के लिए क्या मायने रखती है यह गिरावट?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि शेयर बाजार में इस तरह की गिरावट सामान्य उतार-चढ़ाव का हिस्सा होती है. अल्पकालिक निवेशकों को उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय कंपनियों के मूलभूत प्रदर्शन और लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान देना चाहिए. वहीं, जिन निवेशकों की नजर ऑटो, IT और मेटल सेक्टर पर है, उनके लिए इन शेयरों की आगे की चाल पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहेगा.
फिलहाल निवेशकों की निगाह घरेलू आर्थिक आंकड़ों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों और वैश्विक बाजारों के अगले संकेतों पर टिकी हुई है. इन्हीं कारकों के आधार पर आने वाले कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय होगी.

