० एडीसी सुशील कुमार के निर्देश- मिशन मोड में चलेगा नशा मुक्ति अभियान, अवैध दवा बिक्री और फर्जी डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई
राकेश कथूरिया ,कैथल। जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) सुशील कुमार ने सभी संबंधित विभागों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि नशा मुक्ति केंद्रों के साथ-साथ मेडिकल स्टोरों पर भी नियमित और औचक निरीक्षण किए जाएं। प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने और बिना वैध डिग्री व पंजीकरण के इलाज करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जिला सचिवालय में आयोजित जिला स्तरीय एनकोर्ड (NCORD) समिति की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी ने विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में नशा मुक्ति केंद्रों की निगरानी, मेडिकल स्टोरों पर की गई कार्रवाई, पुलिस की प्रगति और जागरूकता अभियानों पर विस्तार से चर्चा हुई।
एडीसी सुशील कुमार ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, पूरे समाज को खोखला कर देता है। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय से तय समयसीमा में अपनी जिम्मेदारियां निभाएं और कार्रवाई की रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराएं।
नशा तस्करों के साथ सप्लाई चेन भी होगी निशाने पर
एडीसी ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि केवल तस्करों पर कार्रवाई ही नहीं, बल्कि नशे की सप्लाई चेन और स्रोतों का भी पता लगाया जाए, ताकि अवैध नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कि गांवों और शहरों में जागरूकता अभियान भी तेज किए जाएं।
मेडिकल स्टोरों पर संयुक्त टीम करेगी कार्रवाई
ड्रग कंट्रोल ऑफिसर, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई है, जो मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण करेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि हाल ही में पट्टी अफगान क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग और ड्रग कंट्रोल टीम ने छापेमारी कर आवश्यक कार्रवाई की है।
नशा मुक्ति केंद्रों की होगी नियमित निगरानी
सिविल सर्जन को निर्देश दिए गए कि सभी नशा मुक्ति केंद्रों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए। नियमों का पालन नहीं करने वाले केंद्रों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गांव-गांव चलेगा जागरूकता अभियान
एडीसी ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि रात्रि प्रवास कार्यक्रमों में भी नशा विरोधी टीमों को शामिल किया जाए, ताकि ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सके। वहीं खेल विभाग, शिक्षा विभाग और पंचायत विभाग को भी व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग को जुलाई माह का विस्तृत जागरूकता कार्यक्रम तैयार करने और पंचायत विभाग को कंडम सरकारी भवनों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।

