लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक साढ़े 10 मिनट का वीडियो साझा कर बड़ी हलचल मचा दी है। इसमें NEET-UG पेपर लीक के विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्र-छात्राओं ने पुलिसिया कार्रवाई और सरकार के रवैये पर चौंकाने वाले और गंभीर खुलासे किए हैं। छात्रों का आरोप है कि उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान न केवल पुलिस की बर्बरता का सामना करना पड़ा, बल्कि उनसे जबरन माफी भी मंगवाई गई।

राहुल ने वीडियो के साथ क्या लिखा?

राहुल ने एक्स पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, ‘भारत के युवाओं ने जिस हिम्मत और मज़बूती के साथ मोदी की हिंसक सरकार का सामना किया और जवाबदेही की मांग की, वह तारीफ के काबिल है। उन्होंने शांति, प्यार और मजाक-मजाक में अपनी आवाज उठाई।’

उन्होंने लिखा, ‘मुझे हर युवा पर गर्व है, खासकर उन लड़कियों पर जिन्होंने भाजपा के गुंडों की बदतमीजी, गाली-गलौज और हिंसा का सामना किया और जिन्हें प्रधानमंत्री से माफी मांगने को मजबूर किया गया।’

पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का ऐलान

राहुल ने आगे लिखा, ‘अब छात्राओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। 22 अगस्त को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ हो रहा है और इस बार का कार्यक्रम सिर्फ लड़कियों के लिए होगा। अब लड़कियां बोलेंगी और देश सुनेगा।’

वीडियो में छात्रों ने क्या लगाए आरोप?

वीडियो में राहुल से बातचीत में एक छात्रा ने बताया कि वह अपनी बहन के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल होने गई थी। पुलिस ने उन पर बेहद क्रूरता से लाठीचार्ज किया। उन्होंने बताया कि एक छात्रा पर 7 बार लाठियां मारी गई। प्रदर्शनकारियों को पीटने वाले पुलिसकर्मियों ने नेम-प्लेट हटा रखी थी और चेहरे रुमाल या मास्क से ढक रखे थे। कुछ लोग सादे कपड़ों और चप्पलों में दिल्ली पुलिस का हेलमेट पहनकर बेरहमी से लाठियां बरसा रहे थे।

पैलेट गन के इस्तेमाल से गंभीर चोट लगने का आरोप

प्रदर्शन में छात्रों पर पैलेट गन चलाने का भी आरोप लगा है। एक छात्रा ने चश्मदीद के तौर पर बताया कि उसके सामने एक छात्र के कान के पास पैलेट गन से गोली लगी, जिससे उसका कान कटकर लटक गया और उसकी तुरंत सर्जरी करानी पड़ी।

छात्रों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें ‘देशद्रोही’ और ‘आतंकवादी’ कहकर संबोधित किया। कई छात्रों को वैनिटी वैन के भीतर 6 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया।

सोशल मीडिया पर बदनाम करने की साजिश

छात्रों ने बताया कि उनके फोन छीन लिए गए और अधिकारी लगातार भद्दी गालियां दे रहे थे। मुंबई के NNET विरोध प्रदर्शन में शामिल रहीं रिया अहीर ने आरोप लगाया कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए उनके सामान्य फोटो और वीडियो को धुंधला करके सोशल मीडिया पर गलत तरीके से वायरल किया गया, ताकि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित और बदनाम किया जा सके। हालांकि, इसके बाद भी वह पुलसकर्मियों के आगे झुकी नहीं।

कैमरे पर माफी मांगने के लिए मजबूर करने का आरोप

छात्रों ने दावा करते हुए कहा कि कुछ लड़कियों को बिना किसी गलती के कैमरे के सामने जबरन माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। छात्रों ने इस पूरी घटना को प्रायोजित ड्रामा बताते हुए सवाल उठाया कि जब कोई गलती ही नहीं थी, तो माफी क्यों मंगवाई गई और प्रधानमंत्री ने उस माफी को स्वीकार कर धन्यवाद क्यों दिया? एक छात्रा ने अपनी बहन और देश के लाखों युवाओं के समर्थन में आंदोलन में शामिल होने की बात कही।

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