लक्ष्य वर्मा, करनाल। करनाल प्रशासन द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। गांव-गांव जाकर किसानों को पराली न जलाने और उसके उचित प्रबंधन के तरीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जागरूकता अभियान का असर अब किसानों में देखने को मिल रहा है।


172 आगजनी की घटनाएं आईं सामने
फसल कटाई के बाद जिले में पराली जलाने से जुड़ी करीब 172 घटनाएं सामने आईं। हालांकि प्रशासन द्वारा जांच और सत्यापन किए जाने पर केवल 8 मामले सही पाए गए। अधिकारियों के अनुसार कई घटनाएं प्राकृतिक कारणों से लगी आग की थीं।


8 किसानों पर दर्ज हुआ मामला
सत्यापन के बाद प्रशासन ने 8 किसानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही संबंधित किसानों को रेड नोटिस भी जारी किया गया है। प्रशासनिक नियमों के अनुसार अब ये किसान दो सीजन तक अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मंडियों में नहीं बेच सकेंगे।


40 हजार रुपए तक का लगाया गया जुर्माना
प्रशासन ने पराली जलाने के मामलों में किसानों पर करीब 40 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अधिकारियों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण रोकने के लिए पराली जलाने के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।


जागरूकता अभियान का दिख रहा असर
प्रशासन के मुताबिक, किसानों को लगातार फसल अवशेष प्रबंधन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यही वजह है कि इस बार जिले में पराली जलाने की पुष्टि केवल 8 मामलों में हुई। अधिकारियों ने भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।