दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन खत्म हो गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर अपनी सभी मांगों को दोहराया। बताया जा रहा है कि सरकार की ओर से दोनों नेताओं ने छात्रों की मांगों पर सहमति जताई है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मुरली मनोहर जोशी का बयान

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “देर आए पर दुरुस्त आए। धर्मेंद्र प्रधान ने त्यागपत्र दे दिया है।”

उन्होंने प्रधानमंत्री से भी जल्द उचित निर्णय लेने की उम्मीद जताई। साथ ही आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त करने वाले छात्रों को बधाई दी। जोशी ने कहा कि अब भारतीय शिक्षा जगत में जल्द शांति स्थापित होनी चाहिए, ताकि छात्रों को अपने उज्ज्वल भविष्य और प्रगति के लिए व्यापक अवसर मिल सकें।

मनोहर लाल खट्टर ने भी की इस्तीफे की सराहना

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कई ऐसे विषय होते हैं, जिनका सुखद अंत होना जरूरी होता है। युवाओं की भावनाओं को ध्यान में रखना चाहिए, क्योंकि आज का युवा देश का निर्माता है।

खट्टर ने कहा कि इस पूरे मामले को हार-जीत के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, एक विषय सामने आया और अब उसका समाधान हो गया है।

शरद पवार बोले- लोकतंत्र में संवाद जरूरी

NCP-SCP प्रमुख शरद पवार ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री से मुलाकात कर छात्रों के साथ बातचीत शुरू करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद बेहद जरूरी है और बातचीत नहीं होने पर इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। पवार के अनुसार, सरकार और छात्रों के बीच हुई बातचीत के बाद सामने आया यह नतीजा उसी संवाद का परिणाम है।

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