बराड़ा, 22 जुलाई। मुलाना की विधायक पूजा ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी मांगें शांतिपूर्ण ढंग से उठाने का संवैधानिक अधिकार है और उनकी आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है।

बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में विधायक पूजा ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित अन्य सांसद छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास की ओर गए थे, लेकिन उन्हें गिरफ्तार किया जाना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाना लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।

विधायक ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार देता है। उनका कहना था कि जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए छात्रों और युवाओं के मार्च के दौरान सामने आए दृश्य चिंताजनक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा पत्र लीक होने की घटनाओं से युवा स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और ऐसे समय में उनकी समस्याओं का समाधान संवाद से किया जाना चाहिए, न कि बल प्रयोग से।

पूजा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारों को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में कांग्रेस सरकार के दौरान भी विभिन्न आंदोलनों के समाधान के लिए बातचीत और संवाद की पहल की गई थी। उनके अनुसार, आज भी छात्रों की न्यायोचित मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। विधायक ने मांग की कि जंतर-मंतर पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा छात्रों और विपक्ष की लोकतांत्रिक आवाज का सम्मान किया जाए।