अभिषेक सेमर, तखतपुर। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार योजनाएं चला रही है, लेकिन बिलासपुर के तखतपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत मोढ़े में करीब 23 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन उप स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीणों के लिए सुविधा बनने के बजाय परेशानी का कारण बन गया है।

वर्ष जनवरी 2024 से निर्माणाधीन यह उप स्वास्थ्य केंद्र आज भी अधूरा पड़ा है। हालात यह हैं कि भवन पूरा होने से पहले ही फर्श की जमीन धंसने और दीवारों में दरारें दिखाई देने लगी हैं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इलाज के लिए 7 से 8 किलोमीटर का सफर
गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन वर्षों से अधूरा पड़ा होने के कारण ग्रामीणों को छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए करीब 7 से 8 किलोमीटर दूर तखतपुर जाना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ती है। प्रसव पीड़ा के दौरान महिलाओं को गांव से तखतपुर ले जाने में परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

अधूरा भवन बना नशेड़ियों का अड्डा
निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, शाम होते ही अधूरे भवन में नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है। भवन की सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से यहां चोरी की घटनाएं भी सामने आई हैं

खिड़कियों की रेलिंग और बिजली के पाइप चोरी
अधूरे पड़े भवन को चोरों ने भी निशाना बनाया है। उप स्वास्थ्य केंद्र की खिड़कियों में लगाई गई लोहे की रेलिंग और बिजली वायरिंग के लिए लगाए गए पाइप चोरी हो चुके हैं। इससे निर्माणाधीन भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
निर्माण पूरा होने से पहले ही फर्श धंसा, दीवारों में दरार
ग्रामीणों का कहना है कि अभी उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण पूरी तरह से पूरा भी नहीं हुआ है और भवन में जगह-जगह खामियां नजर आने लगी हैं। फर्श की जमीन धंसने के साथ दीवारों में दिखाई दे रही दरारें निर्माण की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा रही हैं। ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।

महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी: उप सरपंच
ग्राम पंचायत मोढ़े के उप सरपंच परमानंद पटेल ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण पूरा नहीं होने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर महिलाओं को प्रसव के दौरान डिलीवरी के लिए करीब सात से आठ किलोमीटर दूर तखतपुर ले जाना पड़ता है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा कराया जाए, ताकि गांव के लोगों को उनके गांव में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
रात में तबीयत बिगड़े तो बढ़ जाती है परेशानी
ग्राम के वृद्ध लोचन साहू ने बताया कि रात के समय किसी व्यक्ति की तबीयत खराब हो जाए तो तत्काल इलाज के लिए उसे सात से आठ किलोमीटर दूर तखतपुर ले जाना पड़ता है। गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन बन रहा है, लेकिन वर्षों बाद भी इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाया है।
विभाग ने कहा जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
मामले में सीजीएमएससी विभाग के एसडीओ अमोल कन्नमवार ने बताया कि जनवरी 2024 से 15वें वित्त की राशि से उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया जा रहा था। बाद में 15वें वित्त में राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण ठेकेदार ने काम बंद कर दिया, जिसके चलते निर्माण अधूरा रह गया। उन्होंने बताया कि पिछले महीने ही ठेकेदार को भुगतान किया गया है और जल्द ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया जाएगा।
अब सवाल यह है कि करीब 23 लाख रुपये की लागत से बनने वाला उप स्वास्थ्य केंद्र आखिर कब तक पूरा होगा और मोढ़े के ग्रामीणों को अपने गांव में स्वास्थ्य सुविधा का लाभ कब मिलेगा? निर्माणाधीन भवन में दिखाई दे रही दरारों और धंसे हुए फर्श की गुणवत्ता की जांच को लेकर भी ग्रामीणों की नजर शासन-प्रशासन पर टिकी हुई है।
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