उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की अवर अधीनस्थ सेवा मुख्य परीक्षा में 1,00,602 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 79,772 परीक्षा में शामिल हुए. लखनऊ के एक केंद्र पर ब्लूटूथ डिवाइस के साथ एक अभ्यर्थी पकड़ा गया, जिसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.
लखनऊ. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा (स्नातक स्तरीय) मुख्य परीक्षा रविवार को 12 जिलों में आयोजित की गई. 2,587 पदों के लिए हुई इस परीक्षा में 1,00,602 अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी किए गए थे, लेकिन 79,772 अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए. इस तरह 20,830 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे.
परीक्षा में उपस्थिति 79.29 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि 20.71 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे. वहीं, लखनऊ के एक परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा गया. उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है.
12 जिलों में निगरानी
आगरा, अलीगढ़, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, बस्ती, गाजियाबाद, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, शाहजहांपुर और बांदा के सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के व्यापक इंतजाम किए गए थे. इन केंद्रों पर कुल 10,674 सीसीटीवी कैमरों के जरिए परीक्षा प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी गई.
परीक्षा की निगरानी के लिए आयोग मुख्यालय और संबंधित जिला मुख्यालयों पर लाइव सीसीटीवी कंट्रोल रूम बनाए गए थे. सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करते रहे.
आधार और एआई से पहचान
अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार प्रमाणीकरण, फेशियल रिकाग्निशन और एआई तकनीक का इस्तेमाल किया गया. परीक्षा में उपस्थित प्रत्येक अभ्यर्थी की फोटो और आइरिस का बायोमेट्रिक लिया गया.
इन बायोमेट्रिक विवरणों का प्रारंभिक अर्हता परीक्षा के दौरान दर्ज किए गए बायोमेट्रिक डेटा से एआई आधारित मिलान किया गया. परीक्षा ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य थी.
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर रोक
परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की तलाशी ली गई. मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, स्मार्ट ग्लास समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को परीक्षा कक्ष में ले जाने की अनुमति नहीं थी.
सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर भी लगाए गए थे. परीक्षा से पहले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया तथा परीक्षा केंद्रों का पूर्व निरीक्षण भी कराया गया था.

