चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र के बहदा गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। अंतिम संस्कार से लौट रहे ग्रामीणों का समूह कुइली पहाड़ी नदी पार कर रहा था, तभी अचानक पानी का बहाव तेज हो गया। तेज धारा की चपेट में आने से कुछ ग्रामीण नदी में बह गए।

घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल अपने स्तर पर तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद नदी किनारे झाड़ियों में दो शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान रोया सिद्धू की मां और पिता बोसेन सिद्धू के रूप में हुई है।

सुनीता सिद्धू अब भी लापता

हादसे में बामिया सिद्धू की पत्नी सुनीता सिद्धू भी तेज बहाव में बह गईं। देर रात तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। सूचना मिलने के बाद छोटानागरा थाना प्रभारी गौतम कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर तलाश अभियान शुरू किया।

तेज बहाव के बीच जारी रहा रेस्क्यू

पुलिस और ग्रामीणों ने नदी के आसपास कई संभावित स्थानों पर खोजबीन की। हालांकि अंधेरा, बारिश और नदी में तेज बहाव के कारण रेस्क्यू अभियान में काफी मुश्किलें आईं। इसके बावजूद लापता महिला की तलाश जारी रखी गई।

छोटानागरा थाना प्रभारी गौतम कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ग्रामीणों के साथ मिलकर लापता व्यक्ति की तलाश कर रही है। नदी के आसपास लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर

ग्रामीणों के मुताबिक, रविवार को गांव में अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद सभी लोग वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उन्हें कुइली नदी पार करनी थी। बताया जा रहा है कि पहाड़ी क्षेत्र में हुई बारिश के बाद अचानक नदी में पानी का बहाव बढ़ गया। कुछ ही देर में तेज धार ने ग्रामीणों को अपनी चपेट में ले लिया।घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस और ग्रामीण लापता सुनीता सिद्धू की तलाश में जुटे हैं।