कुंदन कुमार/पटना। बक्सर से राजद सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार सरकार और प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने दावा किया कि राज्य में हजारों करोड़ रुपये की सरकारी खजाना लूट मची है जिसमें वरिष्ठ अधिकारी संलिप्त हैं।
रिशु श्री और संतोष कुमार मल्ल का चैट कांड
सांसद ने रिशु श्री और संतोष कुमार मल्ल के बीच हुए कथित चैट का हवाला देते हुए सनसनीखेज खुलासे किए। उन्होंने बताया कि चैट में संतोष कुमार मल्ल द्वारा बार-बार कॉल करने और दबाव होने की बात कही गई है। सबसे चौंकाने वाला खुलासा 5 किलो का है जिसका जिक्र चैट में है। सुधाकर सिंह ने सवाल किया कि वह 5 किलो सोना था या नकदी? उन्होंने पूछा कि आखिर मल्ल पर किसका दबाव था कि वे बर्बाद होने की बात कह रहे थे?
एडीजी के तबादले पर उठे सवाल
सुधाकर सिंह ने आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के एडीजी पंकज दरार के अचानक हुए तबादले पर सवाल उठाते हुए इसे साजिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब जांच सही दिशा में बढ़ रही थी तो अधिकारी को हटाकर जांच को प्रभावित किया गया।
दोहरे मापदंड और जांच पर सवाल
सांसद ने चारा घोटाले का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां लालू यादव पर कार्रवाई हुई लेकिन वर्तमान में तारिणी दास के सेवा विस्तार और कुमार रवि द्वारा रातों-रात जॉइंट सेक्रेटरी बदलकर फाइल बढ़वाने के मामलों पर चुप्पी क्यों है? उन्होंने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि तत्कालीन मंत्री जयंत राज से हस्ताक्षर करवाकर नियम विरुद्ध सेवा विस्तार दिया गया।
सरकार और ईडी की कार्यशैली पर निशाना
सुधाकर सिंह ने सीधे तौर पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इतने ठोस साक्ष्य मिलने के बावजूद जयंत राज और आनंद किशोर को समन न भेजना ईडी पर बड़े राजनीतिक दबाव को दर्शाता है। सांसद ने घोषणा की कि उनकी पार्टी इस मामले को विधानसभा से लेकर लोकसभा तक जोरदार तरीके से उठाएगी और इस भ्रष्टाचार की परतें खोलकर रहेगी।

