राकेश कथूरिया, कैथल। गन्ने की फसल के साथ सब्जियों और अन्य फसलों की मिश्रित खेती कर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। इससे जमीन की उपजाऊ शक्ति बनाए रखने में भी मदद मिलती है। चीनी मिल कैथल के प्रबंध निदेशक कृष्ण कुमार ने गांव हरिगढ़ किंगन में प्रगतिशील किसान सुभाष पुत्र नराता राम के कृषि फार्म पर गन्ने की नई किस्म सी.ओ.एच.-191 के साथ गोभी की फसल की बिजाई का निरीक्षण करते हुए यह बात कही।

गन्ने की लाइनों के बीच गोभी की खेती
कृष्ण कुमार ने बताया कि गन्ने की लाइनों के बीच उपलब्ध स्थान का उपयोग सब्जियों और अन्य फसलों की खेती के लिए किया जा सकता है। इससे किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।
किसान सुभाष के खेत में गन्ने की लाइन से लाइन की दूरी साढ़े चार फीट रखकर गोभी की फसल की बिजाई की गई है। प्रबंध निदेशक ने खेत में इस मिश्रित खेती का निरीक्षण किया।
फसल चक्र अपनाने पर जोर
कृष्ण कुमार ने किसानों से बातचीत करते हुए फसल चक्र अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जमीन की उपजाऊ शक्ति को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए फसल चक्र जरूरी है।
उन्होंने कहा कि हमारे बुजुर्ग उपजाऊ शक्ति वाली जमीन सौंपकर गए हैं। आने वाली पीढ़ी को भी उपजाऊ और स्वस्थ भूमि सौंपना हमारा दायित्व है।
पेस्टीसाइड के इस्तेमाल से भी बचाव
प्रबंध निदेशक के अनुसार, मिश्रित खेती से किसान एक ही खेत से अधिक उत्पादन और आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही अनावश्यक पेस्टीसाइड के इस्तेमाल से भी बचा जा सकता है।
उन्होंने किसानों से गन्ने की खेती के साथ सब्जियों और अन्य फसलों की मिश्रित खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार फसल चक्र अपनाने की बात कही।
गन्ने के बीज के लिए यहां करें संपर्क
कृष्ण कुमार ने बताया कि चीनी मिल कैथल के अंतर्गत आने वाले किसान गन्ने की किसी भी किस्म का बीज प्राप्त करने के लिए चीनी मिल के गन्ना विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
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