सोहराब आलम/​मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र से एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दरिंदों ने एक महिला के साथ गैंगरेप जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। हालांकि, सुगौली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 8 घंटों के भीतर सभी पांचों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

​पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई और गिरफ्तारी

​घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया। सुगौली एसडीपीओ दिलीप कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष अनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। तकनीकी साक्ष्य और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी शुरू की।
​छापेमारी इतनी सटीक थी कि शुरुआती दो घंटे के भीतर ही मुख्य दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की इस तत्परता ने बाकी तीन फरार आरोपियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया और लगातार जारी छापेमारी में उन्हें भी दबोच लिया गया। घटना के 8 घंटे के भीतर पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की कार्यक्षमता को दर्शाती है।

​मेडिकल और फॉरेंसिक जांच जारी

​पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा के बीच मेडिकल जांच के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेजा है। घटना स्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, ताकि वैज्ञानिक आधार पर मामले को मजबूती दी जा सके। एसडीपीओ दिलीप कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह एक जघन्य अपराध है और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।

​इलाके में आक्रोश, पुलिस की सराहना

​इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सड़कों पर लोग दोषियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर पुलिस की इस त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की चर्चा पूरे जिले में हो रही है। फिलहाल, सभी पांचों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और पुलिस गैंगरेप समेत गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले को स्पीडी ट्रायल के जरिए जल्द से जल्द न्याय तक पहुंचाया जाएगा।