सोहराब आलम, मोतिहारी। अनुमंडल अंतर्गत सुगौली स्थित अंबेडकर कल्याण छात्रावास इन दिनों गंभीर व्यवस्थागत लापरवाही और छात्रों के आक्रोश के कारण चर्चा में है। छात्रावास में लंबे समय से मिल रहे घटिया और गुणवत्ताहीन भोजन से परेशान छात्रों का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। छात्रों ने भोजन की खराब गुणवत्ता के विरोध में छात्रावास परिसर में जमकर हंगामा किया और प्रबंधन के खिलाफ रोष प्रकट किया।
दूषित भोजन खाने से कई छात्र बीमार
हंगामा कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें जो भोजन परोसा जा रहा है, वह बेहद निम्न स्तर का और खाने योग्य नहीं है। हालातत इतने बदतर हैं कि मजबूरी में कई छात्रों ने पिछले एक दिन से अन्न का एक दाना भी नहीं खाया है। वहीं, कुछ छात्रों ने बताया कि पूर्व में परोसा गया दूषित भोजन खाने से उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें इलाज कराना पड़ा। छात्रों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद छात्रावास प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी, जिसके बाद उन्हें बाध्य होकर विरोध प्रदर्शन का रास्ता चुनना पड़ा।
परिजनों का छलका दर्द
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एक छात्र के चिंतित परिजन नंदलाल राम ने अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि उनका नाती इसी छात्रावास में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा है। खराब और दूषित भोजन मिलने के कारण उसने पिछले एक दिन से कुछ नहीं खाया है, जिससे उसकी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। परिजनों ने यह भी पुष्टि की कि कुछ अन्य बच्चे भी दूषित खान-पान की वजह से बीमार पड़े हैं, जिनका फिलहाल निजी स्तर पर इलाज कराया जा रहा है। परिजनों ने छात्रावास प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े करते हुए बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न करने की गुहार लगाई है।
एसडीओ की कार्रवाई और जांच
छात्रावास में छात्रों के हंगामे और बवाल की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अरुण कुमार पांडेय तुरंत सुगौली स्थित अंबेडकर छात्रावास पहुंचे। एसडीओ ने मौके पर पहुंचकर छात्रावास के मेस, रसोईघर और अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने पाया कि व्यवस्था में कई गंभीर स्तर की गड़बड़ियां और अनियमितताएं मौजूद हैं। छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए एसडीओ अरुण कुमार पांडेय ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मौके पर ही बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित पीटी शिक्षक का वेतन रोकने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, उन्होंने आश्वस्त किया कि इस पूरी लापरवाही के लिए जिम्मेदार छात्रावास प्रबंधन और अन्य अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
एसडीओ ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार द्वारा छात्रों के कल्याण और पठन-पाठन के लिए चलाई जा रही योजनाओं के तहत गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना उनका अधिकार है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है और दोषियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।


