चंडीगढ़. पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने एक बार फिर भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच गठबंधन की वकालत की है। एक साक्षात्कार में जाखड़ ने कहा कि पंजाब में 1996 जैसी स्थिति बन रही है, जब धार्मिक सौहार्द और शांति के लिए दोनों पार्टियों ने गठबंधन किया था।
उन्होंने कहा कि आज फिर इसकी जरूरत है और दोनों पक्षों को एकजुट होना चाहिए।
वोट प्रतिशत में इजाफा
जाखड़ ने बताया कि 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को 6.6% वोट मिले थे, जो 2024 के लोकसभा चुनावों में बढ़कर 18.56% हो गए।
उन्होंने कांग्रेस पर धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का आरोप लगाया और इसे भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया।

कांग्रेस पर निशाना
जाखड़ ने कहा कि 2021 में जब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, तब कांग्रेस ने उन्हें केवल इसलिए दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनने दिया क्योंकि वे हिंदू हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब को धार्मिक नजरिए से देखना गलत है। पंजाबियत का मतलब धर्मनिरपेक्षता है, जिसे समझने में कांग्रेस विफल रही है। उन्होंने कांग्रेस को पंजाब के लिए सबसे बड़ा खतरा करार दिया।
सुखबीर बादल का जवाब
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने जाखड़ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने यह बयान अखबार में पढ़ा है, लेकिन इस बारे में अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जो लोग पंजाब की तरक्की चाहते हैं, उन्हें अकाली दल में शामिल होना चाहिए। इसके बाद देखा जाएगा कि आगे क्या होता है।
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