सुपौल। जिले के भपटियाही थाना क्षेत्र अंतर्गत गढ़िया पलार इलाके में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में करंट लगने से हुई मौत की जांच के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई में पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है।

​करंट से मौत की जांच बनी गांजा पकड़ने का जरिया

​बीती 6 अक्टूबर की सुबह लगभग 7 बजे गढ़िया पलार इलाके में करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो जाने की सूचना स्थानीय पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही भपटियाही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव की मृत्यु समीक्षा की कानूनी कार्रवाई शुरू की।
​इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि घटनास्थल के आसपास कोसी नदी के पलार क्षेत्र में भारी मात्रा में अवैध गांजा छिपाकर रखा गया है। इस संवेदनशील सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने फौरन वरीय अधिकारियों को अवगत कराया और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की टीम को भी इस अभियान में शामिल कर एक संयुक्त टीम का गठन किया।

​धान के खेतों से मिले 8 प्लास्टिक के बोरे

​एसएसबी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने शाम करीब 4:45 बजे कोसी नदी के पलार स्थित धान के खेतों की सघन तलाशी ली। तलाशी के दौरान खेत में छिपाकर रखे गए सफेद रंग के 8 प्लास्टिक के बोरे बरामद किए गए।
​जब इन बोरों की वजन के हिसाब से विधिवत जांच की गई, तो कुल 240.09 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। बोरों के वजन का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:

  • ​पहला बोरा: 33.780 किलो
  • ​दूसरा बोरा: 33.630 किलो
  • ​तीसरा बोरा: 33.830 किलो
  • ​चौथा बोरा: 33.000 किलो
  • ​पांचवां बोरा: 33.730 किलो
  • ​छठा बोरा: 32.130 किलो
  • ​सातवां बोरा: 31.350 किलो
  • ​आठवां बोरा: 9.450 किलो

​दंडाधिकारी की मौजूदगी में सील किए गए बोरे

​तस्करी के इस बड़े मामले में पारदर्शिता बरतते हुए पूरी बरामदगी की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। इसके बाद सभी बोरों को मौके पर ही सील कर विधिवत नमूना (सैंपल) सुरक्षित रख लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए मादक पदार्थ की प्रकृति हाइग्रोस्कोपिक होने के कारण वजन में मामूली अंतर संभव है। शाम करीब 5:55 बजे सरायगढ़-भपटियाही के दंडाधिकारी सह अंचलाधिकारी की उपस्थिति में जब्ती की आधिकारिक कार्रवाई पूरी की गई।

​कई संदिग्धों की भूमिका की हो रही है जांच

​पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इतनी भारी मात्रा में गांजा इस सुनसान पलार तक कैसे और किसके जरिए पहुंचाया गया था। इस मामले में संतोष मेहता, संजय मेहता, विरेंद्र मेहता, सुदीश मुखिया, गगन मुखिया और सुनील मुखिया समेत अन्य कई संदिग्धों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। इसके साथ ही, करंट लगने से जान गंवाने वाले मृतक अजय कुमार उर्फ ‘डेंगरा’ की इस अवैध धंधे में क्या भूमिका थी, इसके हर पहलू को खंगाला जा रहा है।
​अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस जब्द किए गए गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 96 लाख 3 हजार 600 रुपये आंकी जा रही है, हालांकि पुलिस प्रशासन की तरफ से अभी आधिकारिक मूल्य की पुष्टि नहीं की गई है।