लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले विपक्षी गठबंधन में शामिल दलों और नेताओं को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात की.

इसके बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि मौर्य की पार्टी उनके गठबंधन का हिस्सा नहीं है. अब स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस बयान पर जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में शामिल होने के लिए उन्हें अखिलेश यादव के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है.

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राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात पर दी सफाई

स्वामी प्रसाद मौर्य ने बताया कि उनकी राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई ऐतिहासिक रैली की सफलता को लेकर थी. दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी. मौर्य ने कहा कि यह रैली परिवर्तन का प्रतीक है. इससे देश में बदलाव का संदेश गया है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता सड़कों पर उतर रही है.

अखिलेश के बयान पर जताई नाराजगी

मौर्य ने कहा कि वे इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं या नहीं, इसका प्रमाण उन्हें अखिलेश यादव से नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि गठबंधन में शामिल करने का फैसला कांग्रेस को करना है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता ऐसे बयान देकर बीजेपी को सत्ता में बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं.

कांग्रेस कोटे की सीटों पर है दावा

स्वामी प्रसाद मौर्य ने साफ किया कि उन्होंने समाजवादी पार्टी के कोटे से सीटें नहीं मांगी हैं. उनकी मांग कांग्रेस के हिस्से वाली सीटों को लेकर है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का फैसला उनके लिए अहम होगा.

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अखिलेश गठबंधन का एक हिस्सा: मौर्य

मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव इंडिया गठबंधन का केवल एक हिस्सा हैं. इसलिए गठबंधन में उनकी पार्टी की मौजूदगी पर अंतिम फैसला लेने का अधिकार अकेले अखिलेश को नहीं है. इस बयान से यूपी में विपक्षी दलों के बीच सीटों और गठबंधन की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है.