सतीश सिंह, लखनऊ. देश में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है. इसकी मुख्य वजह उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब (डिप्रेशन) है, जो लगातार मजबूत हो रहा है. इसके सोमवार तक गहरे अवदाब (डीप डिप्रेशन) में बदलने और ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तट से टकराने की संभावना है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ए.के. सिंह के अनुसार यह सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है और 27 जुलाई को पूर्वाह्न से दोपहर के बीच चांदबली (ओडिशा) और कैनिंग (पश्चिम बंगाल) के बीच तट से टकरा सकता है. इसके प्रभाव से ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.
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विशेषज्ञ ने बताया कि इस सिस्टम का असर उत्तर और मध्य भारत में भी दिखाई देगा. पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी और अगले 24 से 48 घंटों के दौरान अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है. डॉ. ए.के. सिंह ने कहा कि तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है. ऐसे में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने और तटीय क्षेत्रों के लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि आईएमडी लगातार इस सिस्टम पर नजर बनाए हुए है और स्थिति के अनुसार समय-समय पर नए मौसम बुलेटिन जारी किए जा रहे हैं.


