छत्तीसगढ़ सिस्टम से गुहार लगा-लगाकर खत्म हुई आस : उम्मीद छोड़ ग्रामीणों ने खुद उठाया सड़क बनाने का बीड़ा, वनोपज बेचकर जुटाए पैसे, हर घर से लिया 1200 रुपये चंदा