विभागीय लापरवाही ऐसी कि जिंदा इंसान को देना पड़ रहा अपने जिंदा होने का सबूत, दफ्तरों के चक्कर लगा-लगाकर हर किसी से कर रहा है ये बेबस शख्स कि ”जिंदा हूं मैं”