Lalluram Desk. हरियाली तीज का त्योहार महिलाओं के लिए खास उत्साह और उमंग लेकर आता है। सावन के महीने में मनाए जाने वाले इस पर्व पर महिलाएं सजती-संवरती हैं, मेहंदी लगाती हैं और पारंपरिक गीतों के साथ झूला झूलकर त्योहार का आनंद लेती हैं। कई जगहों पर पेड़ों पर रंग-बिरंगे झूले लगाए जाते हैं।

हालांकि, मानसून के दौरान लगातार बारिश और बढ़ी हुई नमी के कारण तीज के जश्न के बीच त्वचा की सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी बरतना भी जरूरी है। आइए जानते हैं बारिश में झूला झूलते समय किन बातों का ख्याल रखा जाना चाहिए।

नमी में बढ़ सकता है फंगल इंफेक्शन का खतरा

बारिश के मौसम में वातावरण में नमी अधिक होती है। पसीना और नमी त्वचा की सिलवटों, पैरों, हाथों और शरीर के दूसरे हिस्सों में लंबे समय तक बनी रहे तो फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, लंबे समय तक गीले या नम कपड़े पहनना भी त्वचा के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

तीज के दौरान झूला झूलते समय रस्सी या कपड़े से त्वचा का लगातार संपर्क होता है। अगर झूला लंबे समय से बारिश में रखा हुआ है या ठीक से साफ नहीं किया गया है, तो उस पर नमी और गंदगी जमा हो सकती है। इसलिए झूला इस्तेमाल करने से पहले उसकी रस्सी और सीट को अच्छी तरह जांच लेना बेहतर है।

झूला झूलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अगर झूले की रस्सी गीली, चिपचिपी या उस पर फंगस जैसे धब्बे दिखाई दे रहे हों, तो सीधे त्वचा के संपर्क से बचें। संभव हो तो साफ कपड़ा बिछाकर या सीट को अच्छी तरह साफ करके ही झूला इस्तेमाल करें। लंबे समय तक गीले झूले पर बैठने से भी बचना चाहिए।

त्योहार के दौरान आरामदायक और साफ कपड़े पहनें। बारिश में कपड़े भीग जाएं तो उन्हें ज्यादा देर तक पहनकर न रखें। घर लौटने के बाद गीले कपड़े बदलें और शरीर को अच्छी तरह सुखाएं। खासकर पैरों और त्वचा की सिलवटों को सूखा रखना जरूरी है।

मेहंदी और मेकअप में भी बरतें सावधानी

तीज पर मेहंदी और मेकअप का खास महत्व होता है। मेहंदी लगवाते समय साफ-सफाई का ध्यान रखें और ऐसे उत्पादों से बचें जिनकी सामग्री या गुणवत्ता स्पष्ट न हो। अगर मेहंदी या किसी कॉस्मेटिक के इस्तेमाल के बाद त्वचा पर जलन, लालिमा या खुजली महसूस हो, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें।

पर्सनल हाइजीन को न करें नजरअंदाज

मानसून में तौलिया, रुमाल और दूसरे निजी सामान किसी के साथ साझा करने से बचना चाहिए। त्वचा को साफ और सूखा रखें तथा बहुत देर तक पसीने या नमी में रहने से बचें। घर में इस्तेमाल होने वाले तौलिये और कपड़ों को भी अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखाना जरूरी है।

अगर त्वचा पर लगातार खुजली, लाल चकत्ते, जलन या गोलाकार दाने दिखाई दें, तो खुद से दवा लगाने के बजाय डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। थोड़ी-सी सावधानी के साथ हरियाली तीज का उत्सव न सिर्फ खूबसूरत बल्कि सुरक्षित भी बनाया जा सकता है।

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