कुंदन कुमार पटना। जनशक्ति जनता पार्टी के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव आखिरकार बेऊर जेल से रिहा हो गए हैं। उनकी रिहाई से उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। कुछ दिनों पहले छात्र आंदोलन के दौरान हुए प्रदर्शन और झड़पों के सिलसिले में तेज प्रताप यादव के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद अदालत के आदेश पर उन्हें चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजा गया था।

​सरकार के फैसले से मिली बड़ी राहत

​तेज प्रताप यादव की रिहाई का मुख्य कारण राज्य सरकार द्वारा उनके खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को वापस लेना बताया जा रहा है। सरकार के इस कानूनी कदम के बाद अदालती प्रक्रिया पूरी हुई और उनके रिहा होने का रास्ता साफ हो गया। जेल से बाहर आने के बाद तेज प्रताप यादव ने अपने समर्थकों का अभिवादन किया। राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि छात्र आंदोलन को लेकर सूबे की राजनीति काफी गरमा गई थी।

​छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर आगे की रणनीति

​जेल से बाहर आने के बाद तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट किया है कि वे युवाओं और छात्रों के हक की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ जारी रखेंगे। उन्होंने प्रशासन और मौजूदा राजनीतिक हालात पर निशाना साधते हुए कहा कि आवाज दबाने के लिए इस तरह की कार्रवाई की गई थी, लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं। जनशक्ति जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जेल के बाहर ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया और इसे सत्य की जीत बताया। अब देखना यह होगा कि इस रिहाई के बाद पार्टी आगामी राजनीतिक गतिविधियों में अपनी क्या नई रणनीति अपनाती है।