Tej Pratap Yadav: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के प्रोफेसर और राजनीतिक विश्लेषक संगीत कुमार रागी ने हालही में एक टीवी डिबेट के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता मनोज यादव काका के खिलाफ कथित तौर पर जातिसूचक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल डिबेट के दौरान, सपा प्रवक्ता मनोज यादव काका और संगीत रागी के बीच तीखी बहस हुई।
आरोप है कि इस दौरान संगीत रागी ने अहीर और यादव समाज के खिलाफ आपत्तिजनक, ‘गंवार’ और ‘गधा’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया। संगीत रागी के इस बायन को लेकर उनकी आलोचना हो रही है। वहीं, इस बीच मामले को लेकर लालू यादव के बड़े बेटे और जजद अध्यक्ष तेज प्रताप यादव की भी प्रतिक्रिया सामने आई है।
तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट करते हुए कहा कि, भाजपा नेता संगीत रागी, जो स्वयं को दिल्ली विश्वविद्यालय का प्रोफेसर बताते हैं और जिनकी विचारधारा आरएसएस से जुड़ी हुई है, उनके द्वारा यादव समाज के लिए ‘अनपढ़’, ‘गंवार’ और ‘जाहिल’ जैसे अपमानजनक एवं आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
तेज प्रताप यादव ने कहा कि, वर्तमान में पवित्र कार्तिक मास चल रहा है। पूरे ब्रजधाम में भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और आराधना में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भगवान श्रीकृष्ण, जिनकी महिमा और लीलाओं का गुणगान संपूर्ण विश्व करता है, उन्हीं भगवान श्रीकृष्ण के वंशज यादव समाज के प्रति इस प्रकार की अभद्र टिप्पणी करना करोड़ों लोगों की आस्था और भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है।
जजद अध्यक्ष ने कहा कि, यादव समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। यह वही यदुवंश है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लिया। श्रीमद्भागवत महापुराण में भी यदुवंश की महिमा का वर्णन मिलता है। ऐसे गौरवशाली वंश और समाज के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
तेज प्रताप यादव ने कहा कि, मैं संगीत रागी की इस आपत्तिजनक टिप्पणी की घोर निंदा करता हूं। स्वयं को प्रोफेसर बताने वाले व्यक्ति को किसी समाज के बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने से पहले उस समाज के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और योगदान का अध्ययन करना चाहिए। शिक्षा और पद की गरिमा व्यक्ति के विचारों और भाषा में भी दिखाई देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि, मैं स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि यादव समाज के सम्मान और स्वाभिमान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। किसी भी व्यक्ति को किसी जाति या समाज को अपमानित करने का अधिकार नहीं है। मेरी मांग है कि संगीत रागी तत्काल यादव समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और अपनी अपमानजनक टिप्पणी को वापस लें। यादव समाज का अपमान, भगवान श्रीकृष्ण के वंश और करोड़ों लोगों की भावनाओं का अपमान है।
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