कुंदन कुमार/पटना। ​बिहार की राजनीतिक सरगर्मी तेज है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार, वित्तीय संकट और प्रशासनिक विफलता को लेकर NDA सरकार पर जोरदार हमला बोला है। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार का भीष्म पितामह करार देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

​वित्तीय संकट और बदहाल खजाना

​तेजस्वी ने दावा किया कि 21 वर्षों के NDA शासन में बिहार की आर्थिक स्थिति भयावह हो गई है। राज्य का खजाना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है और सरकार अब इमरजेंसी फंड का सहारा लेने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि आज हर बिहारी पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है, जबकि केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। आरोप है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बार-बार दिल्ली दौरे भी बेनतीजा रहे हैं।

​रिशु श्री मामला और प्रशासनिक संरक्षण

​तेजस्वी ने रिशु श्री प्रकरण को भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। उनका सवाल है कि एक मामूली ठेकेदार विभिन्न विभागों के टेंडर कैसे मैनेज कर रहा था? जांच एजेंसियों के हवाले से उन्होंने दावा किया कि रिशु श्री को सर्वोच्च स्तर पर अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त था। सवाल यह भी है कि इस मामले में केवल दो अधिकारियों को निलंबित करके बड़ी मछलियों को क्यों बचाया जा रहा है? चार्जशीट में उन लोगों के नाम न होना और तत्काल गिरफ्तारी न होना मिलीभगत को दर्शाता है।

​रबर स्टैंप बनाम वास्तविक सत्ता

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने उन्हें रबर स्टैंप और अंगूठा छाप मुख्यमंत्री बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी केवल सरकारी सुख-सुविधाओं और बंगले में व्यस्त हैं जबकि सत्ता की बागडोर भ्रष्ट अधिकारियों और केंद्र के इशारों पर चल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य की जांच एजेंसियां भ्रष्ट लोगों को बचाने में लगी हैं।

नीतिगत विफलता और तानाशाही

तेजस्वी ने सरकारी जमीन को 99 साल की लीज पर देने और बांस घाट में शवदाह गृह निर्माण के नाम पर जनता से टैक्स वसूलने जैसे फैसलों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) पर पूरी तरह से भ्रष्ट अधिकारियों का कब्जा है जिसके कारण घोटालेबाजों में कानून का कोई डर नहीं बचा है। तेजस्वी ने इन 20 तीखे सवालों के जरिए बिहार की जनता को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या यह सरकार केवल बड़े लोगों की तिजोरी भरने के लिए है।