पटना। गाजियाबाद के रागिनी विला में बुधवार को राजद नेता तेजस्वी यादव के बेटे इराज का पहला जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। यह कार्यक्रम न केवल एक पारिवारिक उत्सव है बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के बाद लालू परिवार का यह पहला बड़ा सार्वजनिक आयोजन है।

​गाजियाबाद में जुटाई गई महफिल

​इराज का जन्मदिन लालू यादव की बेटी रागिनी और दामाद राहुल यादव के गाजियाबाद स्थित आवास पर आयोजित किया गया। इस मौके पर तेजप्रताप यादव समेत लालू परिवार के अधिकांश सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने इराज को जन्मदिन की बधाई दी। हालांकि, जानकारी के अनुसार रोहिणी आचार्य इस समारोह में शामिल नहीं हो सकीं।

​विपक्षी एकता की कवायद या शक्ति प्रदर्शन?

​इस आयोजन को केवल जन्मदिन की पार्टी के रूप में नहीं, बल्कि लालू यादव की एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसे दिग्गज विपक्षी नेताओं को व्यक्तिगत निमंत्रण भेजा गया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बहाने लालू यादव विपक्षी नेताओं को एक मंच पर लाकर अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता और नेटवर्क की मजबूती का संदेश देना चाहते हैं।

दिग्गज नेताओं की अनुपस्थिति

आमंत्रण के बावजूद, अब तक किसी भी बड़े राष्ट्रीय विपक्षी नेता के आयोजन स्थल पर पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, राजद के स्थानीय विधायक, सांसद और अन्य वरिष्ठ नेता कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे हैं। वहीं, पटना स्थित राजद कार्यालय में भी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक केक काटकर इराज का जन्मदिन मनाया।

​भविष्य की राजनीति का संकेत

​बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजद को मिली करारी हार के बाद से ही लालू परिवार सक्रिय मोड में है। यह कार्यक्रम इस बात का संकेत है कि चुनावी झटकों के बावजूद पार्टी अपनी संगठनात्मक ताकत को पुनर्जीवित करने के लिए किसी भी अवसर का उपयोग करने से पीछे नहीं हटेगी। फिलहाल, सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दिन ढलने तक किसी बड़े चेहरे की उपस्थिति से लालू यादव का यह ‘प्लान’ सफल हो पाता है या नहीं।