कुंदन कुमार/पटना। बिहार की सियासत में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की आर्थिक स्थिति और सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। तेजस्वी यादव ने सीधे तौर पर नीतीश सरकार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को निशाने पर लेते हुए कहा कि राज्य का खजाना पूरी तरह खाली हो चुका है।
खजाना खाली, कर्ज में डूबा हर बिहारी
तेजस्वी यादव ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बिहार सरकार की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय है कि उसे रोजमर्रा के कामकाज और विकास योजनाओं के लिए कर्ज का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने चौंकाने वाला दावा किया कि आज के समय में बिहार के हर व्यक्ति पर लगभग 27,000 रुपये का कर्ज है। तेजस्वी ने सवाल पूछा कि आखिर सरकार इस बढ़ते कर्ज और वित्तीय कुप्रबंधन पर चुप्पी क्यों साधे हुए है?
सम्राट चौधरी की डिग्री और मुकदमों पर सवाल
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पर हमला जारी रखते हुए तेजस्वी ने व्यक्तिगत साख का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने विशेष रूप से सम्राट चौधरी का जिक्र करते हुए कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि उन पर कितने आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने डिग्री विवाद को हवा देते हुए कहा कि उनकी शैक्षणिक योग्यता (डिग्री) की सच्चाई क्या है, यह किसी को स्पष्ट नहीं है। सरकार को इन पारदर्शी सवालों का जवाब देना चाहिए।
अपराध पर चुप्पी और जनता की उम्मीदें
नेता प्रतिपक्ष ने बढ़ते अपराध ग्राफ पर सरकार को घेरते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपने भाषणों में बड़ी-बड़ी बातें तो करते हैं, लेकिन असल मुद्दों पर मौन रहते हैं। उन्होंने पूछा कि बिहार में अपराध पर लगाम कब लगेगी? तेजस्वी के अनुसार, सरकार जनता के मन में उठ रहे सवालों का जवाब देने के बजाय केवल अपनी बात कहकर निकल जाती है। जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और जवाबदेही चाहती है।
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