पटना। ​राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौतियों के बीच, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनका अधिकार दिलाना है। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर 10 लाख पक्की सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था। उस समय इस वादे को असंभव बताते हुए राजनीतिक विरोधियों और समाचार चैनलों द्वारा तीखी आलोचना की गई थी।

​महागठबंधन सरकार का गठन

​वर्ष 2022 में राजनीतिक समीकरण बदलने पर तेजस्वी यादव ने युवाओं को 10 लाख नौकरियां देने की शर्त पर नीतीश कुमार की सरकार को समर्थन दिया था। उपमुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कुछ ही महीनों में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से शिक्षक भर्ती परीक्षाएं (TRE 1 & 2) बिना किसी पेपर लीक के पारदर्शिता के साथ आयोजित कराईं।

2 नवंबर 2023 का वह ऐतिहासिक दिन

विगत 02 नवंबर 2023 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 1,20,336 नवनियुक्त शिक्षकों को एक साथ नियुक्ति पत्र वितरित किए गए थे। यह भारत के इतिहास में पहली बार हुआ था जब इतने बड़े स्तर पर एक साथ स्थायी सरकारी नौकरियां दी गई थीं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य कई विभागों में भी नियुक्तियों का पूरा खाका तैयार किया गया था।

​सरकार का गिरना और युवाओं का संघर्ष

​जनवरी 2024 में राजनीतिक फेरबदल के कारण महागठबंधन की सरकार गिर गई और एनडीए सरकार का गठन हुआ। इसके बाद जब युवाओं ने रोजगार की मांग की, तो उन्हें विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक सख्ती का सामना करना पड़ा। इस प्रकार बिहार में नौकरियों की गूंज कुछ समय के लिए थम सी गई।