इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ तुर्किए के न्याय मंत्री अकिन गुरलेक के अनुरोध पर इंटरनेशनल अरेस्ट वारंट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब तुर्किए ने गाजा जा रहे जहाजों के जरिए सामान भेजा था, जिन्हें इजरायल ने रोक लिया था. तुर्किए सरकार ने इंटरपोल के माध्यम से नेतन्याहू और एक अन्य इजरायली अधिकारी के खिलाफ रेड नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है.
इस मामले में कुल 35 लोग शामिल हैं और उन पर मानवता के खिलाफ अपराध, नरसंहार, स्वतंत्रता से गंभीर रूप से वंचित करना, जानबूझकर हमला और चोट पहुंचाना जैसे आरोप शामिल है.
तुर्किए ने आरोप लगाते हुए कहा कि मई 2026 में गाजा की नाकेबंदी तोड़ने का प्रयास किया जा रहा था. अंतरराष्ट्रीय फ्लोटिला को इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में रोक लिया था.
रेड नोटिस एक ऐसा अनुरोध है जो दुनिया भर की पुलिस एजेंसियों को भेजा जाता है ताकि किसी व्यक्ति को प्रत्यर्पण कार्यवाही लंबित रहने तक खोजा जा सके और अस्थायी रूप से हिरासत में लिया जा सके. इस्तांबुल की एक अदालत इस मामले में पीएम नेतन्याहू समेत कई इजरायली अधिकारियों के खिलाफ अनुपस्थिति में मुकदमा चला रही है.
हाल के वर्षों में गाजा युद्ध और फिलिस्तीनी मुद्दे पर तुर्किए लगातार इजरायल की आलोचना करता रहा है, जबकि इजरायल इन आरोपों को निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताता रहा है.
इजरायली पीएम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. इसके साथ ही उन्होंने तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की कड़ी आलोचनाकरते हुए कहा कि यह कदम राजनीतिक मकसद से उठाया गया है, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

