कर्नाटक के मंत्री बी नागेंद्र ने अपने इस्तीफे की पेशकश करते हुए कहा कि वे नहीं चाहते कि पार्टी शर्मिंदा हो इसलिए वे पद छोड़ने के लिए तैयार हैं. BJP द्वारा लगातार बनाए जा रहे राजनीतिक दबाव के बीच नागेंद्र ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मुलाकात कर यह पेशकश की. उन्होंने यह पेशकश ऐसे समय पर की है, जब पिछले कुछ समय से वह कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर BJP के निशाने पर हैं. 

कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच कैबिनेट मंत्री बी. नागेंद्र ने अपने पद से हटने की पेशकश कर दी है. 

कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों ने हलचल मचा कर रख दिया है. महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम घोटाले की आंच अब सीधे तौर पर सरकार के मंत्रियों तक पहुँचने के बाद विपक्ष ने अब जवाब मांगा है. इसी मांग को लेकर 1 से 10 सितंबर तक BJP रायचूर से बल्लारी तक पदयात्रा निकालने वाली है.

दरअसल, कर्नाटक विधानसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित 89 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर बी नागेंद्र को घेर रही है और उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग कर रही है. 

विपक्ष के जवाब देने के रूप में सीएम डीके शिवकुमार के मंत्रिमंडल में शामिल कर्नाटक के मंत्री बी नागेंद्र ने इस्तीफा देने की पेशकश की है. कर्नाटक के मंत्री बी नागेंद्र ने अपने इस्तीफे की मांग पर विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि उन्हें कांग्रेस से जुड़े होने और दलित होने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है जबकि केंद्र के मंत्रियों और सांसदों पर भी मामले दर्ज हैं, तो सिर्फ उनके इस्तीफे की मांग क्यों की जा रही है.

सूत्रों के मुताबिक, बी नारेंद्र को भरोसा है कि उन्हें कोर्ट से क्लीन चिट मिल जाएगी और इसके बाद वे कैबिनेट में वापसी कर सकते हैं. ऐसे में, उन्होंने फिलहाल मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के आगे इस्तीफे की पेशकश कर दी है.

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