Odisha Desk, सुंदरगढ़: ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सतर्कता विभाग को एक और बड़ी सफलता मिली है। विजिलेंस अधिकारियों ने गुरुवार को सुंदरगढ़ जिले के लठिकाटा में पदस्थ तहसीलदार सह उप-पंजीयक मुरलीधर उर्मल को 5 लाख रुपये की अघोषित नकदी के साथ रंगे हाथों पकड़ा है।
विजिलेंस विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि तहसीलदार संदिग्ध रूप से भारी मात्रा में रिश्वत की रकम लेकर यात्रा कर रहे हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए विजिलेंस की एक विशेष टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही अधिकारी की कार लठिकाटा से राउरकेला की ओर जा रही थी, टीम ने उसे बीच रास्ते में ही रोक लिया।
वाहन की तलाशी लेने पर उसके पास से 5 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। नकदी के स्रोत और उद्देश्य के बारे में पूछे जाने पर तहसीलदार मुरलीधर उर्मल कोई वैध जवाब या कागजात पेश नहीं कर सके, जिसके बाद राशि को जब्त कर लिया गया।
बरामद नकदी के मामले में पूछताछ शुरू करने के साथ ही विजिलेंस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अधिकारी से जुड़े तीन अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इन ठिकानों में उनके आधिकारिक आवास, निजी घर और कार्यालय शामिल हैं।
जांच के दौरान विजिलेंस की टीम निम्नलिखित दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है
वित्तीय रिकॉर्ड: बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और निवेश से जुड़े दस्तावेज।
संपत्ति के दस्तावेज: भूमि, मकान और अन्य स्थावर संपत्तियों के कागजात।
अवैध संपत्ति का संदेह: विजिलेंस को संदेह है कि अधिकारी ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की है।
ओडिशा के राजस्व और पंजीकरण प्रशासन में लगातार आ रही भ्रष्टाचार की शिकायतों के बीच इस बड़ी कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि अवैध रूप से धन जुटाने और रिश्वतखोरी में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल, आरोपी अधिकारी से पूछताछ की जा रही है और आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
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