शिखिल ब्यौहार, भोपाल। राजधानी के करोंद चौराहे के नजदीक मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान आज निर्माण कंपनी की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां मेट्रो का एक निर्माणाधीन पिलर अचानक भरभराकर गिर गया। पिलर गिरने के साथ ही वहां से गुजर रही 11,000 वोल्ट (11KV) की हाई-टेंशन बिजली की लाइन भी टूटकर सड़क पर आ गिरी। इस भीषण हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सुरक्षा के लिए बिजली सप्लाई बंद, रूट डायवर्ट
सड़क पर 11,000 वोल्ट का लाइव तार गिरने से बड़ा खतरा पैदा हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, बिजली विभाग और संबंधित एजेंसियों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। किसी बड़े हादसे को रोकने के लिए बिजली विभाग ने आनन-फानन में पूरे क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद कराई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और सुरक्षा के मद्देनज़र क्षेत्र की बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही को सीमित किया। साथ ही, करोंद चौराहे के ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया गया।
टला बड़ा हादसा, कोई जनहानि नहीं
राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इतनी व्यस्त सड़क पर पिलर और हाई-टेंशन लाइन गिरने के बावजूद प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किसी भी प्रकार की जनहानि (कोई हताहत या घायल) नहीं हुई है। समय रहते कदम उठाने से एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस घटना को लेकर स्थानीय निवासियों और राहगीरों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का सीधा आरोप है कि मेट्रो निर्माण कंपनी द्वारा काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यस्त चौराहों पर बिना पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के काम किया जा रहा है, जिसके चलते इतनी बड़ी दुर्घटना सामने आई है।फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है कि आखिर पिलर गिरने की मुख्य वजह क्या थी और लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है।

