एसआर रघुवंशी, गुना। मध्यप्रदेश के गुना जिले में बिजली कटौती के मुद्दे को लेकर सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर घमासान अब और तेज हो गई है। अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करने वाले गुना के भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य को अब पार्टी के ही भीतर से एक बड़ा समर्थन मिल गया है। चाचौड़ा की पूर्व भाजपा विधायक ममता मीना ने खुलकर पन्नालाल शाक्य का समर्थन कर दिया है, जिससे गुना की सियासत में ‘नई भाजपा बनाम पुरानी भाजपा’ की जंग खुलकर सामने आ गई है।
‘महाराज वाली नई भाजपा में सिर्फ नौटंकी’
पूर्व विधायक ममता मीना ने विधायक शाक्य की आवाज में आवाज मिलाते हुए कहा कि शाक्य जमीन से जुड़े हुए पुराने और कद्दावर नेता हैं। उन्होंने बिजली कटौती को लेकर किसानों, छात्रों और व्यापारियों का बिल्कुल सही दर्द उठाया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर तीखा हमला बोलते हुए ममता मीना ने कहा, “ऊर्जा मंत्री का असली काम जनता को बिजली देना है, नौटंकी करना नहीं।” उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि ‘महाराज’ (ज्योतिरादित्य सिंधिया) के आने के बाद वाली इस ‘नई भाजपा’ में सिर्फ नौटंकी चल रही है, जिसके कारण पार्टी के मूल और पुराने कार्यकर्ता आज घुटन महसूस कर रहे हैं।
चाचौड़ा में भी बिजली संकट
ममता मीना ने अपने पूर्व विधानसभा क्षेत्र चाचौड़ा की स्थिति बयां करते हुए कहा कि वहाँ भी हालात बदतर हैं। रात 10 बजे से सुबह 2 बजे तक बिजली गुल रहती है और मेंटेनेंस के नाम पर दिनभर की जा रही अघोषित कटौती से आम जनता बुरी तरह त्रस्त है। इस दौरान गुना के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के उस वायरल वीडियो पर भी सवाल खड़े किए गए, जिसमें वे कथित तौर पर भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य को धक्का देते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने मूल भाजपाइयों के असंतोष में घी डालने का काम किया है।
जयवर्धन सिंह ने भी साधा निशाना
भाजपा के इस अंदरूनी कलह के बीच कांग्रेस को भी सरकार को घेरने का बड़ा मौका मिल गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने भी भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य के सुर में सुर मिलाया है। जयवर्धन सिंह ने कहा कि ऊर्जा मंत्री धरातल पर काम करने के बजाय सिर्फ नाटक और दिखावा करते हैं, जिससे जनता परेशान है।
अनुशासनहीनता पर कार्रवाई के संकेत
एक तरफ जहाँ विधायक शाक्य को अंदर और बाहर से समर्थन मिल रहा है, वहीं भाजपा संगठन इस बगावती तेवर से बेहद नाराज है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने विधायक पन्नालाल शाक्य द्वारा अपनी ही सरकार के खिलाफ किए गए घेराव और प्रदर्शन को पूरी तरह ‘गैर-जिम्मेदाराना’ करार दिया है। संगठन ने साफ संकेत दिए हैं कि इस मामले में जल्द ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
सिंधिया समर्थक बनाम मूल भाजपाई
गुना में शुरू हुआ यह विवाद अब केवल बिजली कटौती तक सीमित नहीं रह गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों (नई भाजपा) और संघ-संगठन से जुड़े मूल भाजपाइयों (पुरानी भाजपा) के बीच की यह खींचतान अब खुलकर सड़कों पर आ चुकी है। आने वाले दिनों में यह अंदरूनी कलह क्या मोड़ लेती है, इस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।

