हेमंत शर्मा, इंदौर। उना-इंदौर एक्सप्रेस में 78 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी की नाक चूहे द्वारा काटे जाने की घटना ने रेलवे की साफ-सफाई और यात्री सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि इस घटना को लेकर सामने आई शिकायत और संबंधित जानकारी को रेलवे PRO मुकेश कुमार ने खुद यात्री ट्वीट मीडिया को दिखया है । यानी मामला सिर्फ यात्री या परिजनों के आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि रेलवे के ही अधिकारी द्वारा ट्वीट दिखाए जाने के बाद घटना ने गंभीर रूप ले लिया है।

चंडीगढ़ से इंदौर आ रहे थे बुजुर्ग

रिटायर्ड अधिकारी एचपी करण चंडीगढ़ से इंदौर आ रहे थे। रात करीब साढ़े 10 बजे वह ट्रेन के कोच में सो रहे थे। इसी दौरान चूहे ने उनकी नाक पर काट लिया।अचानक दर्द और खून निकलने से उनकी नींद खुली। रात के समय ट्रेन के अंदर इस तरह की घटना से बुजुर्ग और उनके परिजन घबरा गए।

शिकायत के बाद भी चूहे नहीं हटे?

परिजनों का आरोप है कि कोच में गंदगी और चूहों की मौजूदगी को लेकर रेलवे स्टाफ से शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद गंदगी तो साफ कर दी गई, लेकिन चूहों को नियंत्रित करने के लिए पेस्ट कंट्रोल जैसी प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई।ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि अगर ट्रेन में चूहों की मौजूदगी की शिकायत पहले ही मिल चुकी थी, तो रेलवे ने उन्हें रोकने के लिए क्या कार्रवाई की?

PRO ने खुद ट्वीट दिखाया

इस मामले में रेलवे PRO मुकेश कुमार ने यात्री की शिकायत से जुड़ा ट्वीट खुद दिखाया। इससे घटना की जानकारी रेलवे अधिकारियों तक पहुंचने और शिकायत दर्ज होने की पुष्टि होती है।अब रेलवे के सामने सिर्फ घटना की जानकारी देना नहीं, बल्कि यह जवाब देना भी जरूरी है कि जिस कोच में बुजुर्ग यात्री सफर कर रहे थे, वहां चूहों की समस्या क्यों बनी रही और शिकायत के बाद भी इसे पूरी तरह खत्म क्यों नहीं किया गया।

इंदौर पहुंचने के बाद अस्पताल में इलाज

घटना के बाद इंदौर पहुंचने पर बुजुर्ग को इलाज के लिए कोकिलाबेन अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने रेबीज से बचाव के लिए पहला इंजेक्शन लगाया।एक बुजुर्ग यात्री का ट्रेन में सोते समय चूहे का शिकार होना रेलवे की व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। यात्री टिकट लेकर सफर करता है तो उसे कम से कम सुरक्षित और स्वच्छ माहौल मिलने की उम्मीद होती है।

ट्रेन से एयरपोर्ट तक चूहों का आतंक!

कुछ समय पहले इंदौर एयरपोर्ट पर भी यात्री को चूहे के काटने की घटना सामने आई थी। अब ट्रेन में बुजुर्ग यात्री की नाक चूहे ने कुतर दी।ट्रेन हो या एयरपोर्ट… यात्रियों के पीछे चूहे पड़े हैं या व्यवस्था ही इतनी कमजोर है कि चूहे यात्रियों तक पहुंच जा रहे हैं?रेलवे को सिर्फ शिकायत दर्ज करने और सफाई कराने तक सीमित रहने के बजाय यह सुनिश्चित करना होगा कि ट्रेनों में चूहों की समस्या दोबारा सामने न आए। क्योंकि सवाल सिर्फ एक बुजुर्ग की नाक पर लगे जख्म का नहीं, सवाल उस व्यवस्था का है जिसमें यात्री चैन से सोने के लिए भी सुरक्षित नहीं हैं।

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