अपनी मेहनत का वृतांत देने से बेहतर यह समझना होता है कि अंततः हमने हासिल क्या किया ? “Do not tell how hard you work. Tell how much you get done.” यानी केवल मेहनत करना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उसके मुताबिक़ परिणाम ही सब कुछ होता है।

दिन-रात किए गए कठोर परिश्रम का कोई ठोस परिणाम न मिले तो वह मेहनत अधूरी मानी है। कुछ लोग शांति से, चुपचाप बिना शोर मचाए अपने कार्यों के परिणाम से सबको प्रभावित कर देते हैं। वास्तव में यही लोग सफल कहलाते हैं। मंज़िल में पहुँच कर पैरों के छालों को नही देखा जाता, सफलता का असली पैमाना है यह नही कि आपने कितनी मेहनत की बल्कि यह है कि आपने क्या हासिल किया।

केवल मेहनत दिखाने में ही अपनी ऊर्जा न गवाएं बल्कि उसे सही दिशा में मनवांछित परिणाम प्राप्त करने में लगाएं। परिणाम बहुत मुखर है उसे प्रचार करने की आवश्यकता नहीं और परिणाम से ही हमारी पहचान है।

उद्यमेन हि सिद्ध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः।

इस श्लोक का अर्थ है ‘केवल कल्पनाओं से नहीं बल्कि प्रयास से कार्य पूरे होते हैं।’ जीवन में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक है कि हम अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें और उसे पाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करें। याद रखिए नज़र में आपका काम नही काम का परिणाम ही आता है। गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों की तरह ही है सफलता, उपलब्धि और परिश्रम का संगम जिसमें सरस्वती नदी और आपका परिश्रम दिखाई नही देता।

संदीप अखिल

सलाहकार संपादक

न्यूज़ 24 मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़/लल्लूराम डॉट कॉम

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H