Dharm Desk – वैदिक ज्योतिष की परंपरा में शनि देव को हमारे कर्मों का हिसाब-किताब रखने वाला ‘न्यायाधीश’ माना गया है. शनि की चाल बहुत धीमी होती है, इसलिए जब भी यह किसी राशि में प्रवेश करते हैं, तो इनका प्रभाव जीवन पर लंबे समय तक बना रहता है. जब शनि किसी जातक की चंद्र राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव से होकर गुजरते हैं, तो इस 7.5 वर्षों की अवधि को ‘साढ़े साती’ कहा जाता है. यह समय किसी सजा की तरह नहीं, बल्कि व्यक्ति के संयम, अनुशासन और सही निर्णय लेने की क्षमता की एक कठिन परीक्षा की तरह होता है.

फिलहाल मेष, कुंभ और मीन राशि के जातक शनि की साढ़ेसाती के अलग-अलग चरणों से गुजर रहे हैं. यही वजह है कि ज्योतिष शास्त्र इन तीनों राशियों को पैसों के लेनदेन, सेहत और आपसी रिश्तों के मामले में बहुत संभलकर चलने की सलाह देता है. साढ़े साती का असर रातों-रात नहीं दिखता, बल्कि इसका प्रभाव धीरे-धीरे जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उभरता है. ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि साढ़ेसाती सिर्फ चुनौतियां ही नहीं लाती, बल्कि इंसान को अंदर से मजबूत और परिपक्व भी बनाती है. इस दौरान धैर्य बनाए रखना, फिजूलखर्ची से बचना, अनुशासित दिनचर्या अपनाना और जरूरतमंदों की निस्वार्थ मदद करना शनि देव की कृपा दिलाने में मददगार साबित होता है.

मेष राशि : पहला चरण

मेष राशि के जातकों पर इस समय साढ़ेसाती का पहला यानी शुरुआती चरण चल रहा है. इस दौरान अचानक से ऐसे खर्च सामने आ सकते हैं जिनकी आपने योजना न बनाई हो, जिससे महीने का बजट डगमगा सकता है. कुछ लोगों पर कर्ज या उधारी का बोझ बढ़ता हुआ महसूस हो सकता है. सेहत पर ध्यान दें- मानसिक तनाव, सिरदर्द, आंखों में खिंचाव या देर रात तक नींद न आने जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं.

    क्या करें- अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखें और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करें.

    कब मिलेगी राहत- ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, मेष राशि वालों को 31 मई 2032 तक इस प्रभाव से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी.

    कुंभ राशि : अंतिम चरण

    कुंभ राशि के जातकों के लिए साढ़ेसाती का अंतिम और तीसरा चरण चल रहा है. ज्योतिष में इसे “राहत मिलने से पहले की आखिरी परीक्षा” भी कहा जाता है. इस दौरान आर्थिक मामलों में रुकावटें आ सकती हैं, जैसे फंसा हुआ धन मिलने में देरी होना या किसी को दिया गया उधार समय पर वापस न मिल पाना.

      रिश्तों का रखें ध्यान- परिवार के सदस्यों या दफ्तर में सहकर्मियों के साथ बातचीत में कमी के कारण गलतफहमियां पनप सकती हैं.

      क्या करें- बातचीत में स्पष्टता रखे और बिना वजह उग्र होने के बजाय संयम से काम लें.

      कब मिलेगी राहत- पंचांग के अनुसार 3 जून 2027 को शनि के राशि परिवर्तन के साथ ही कुंभ राशि के जातकों को साढ़ेसाती से पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा.

      मीन राशि : दूसरा चरण

      मीन राशि के जातकों पर इस समय साढ़ेसाती का दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण, प्रभावशाली चरण चल रहा है. इस चरण में करियर और कामकाज के क्षेत्र में अचानक जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, जिससे मानसिक और शारीरिक थकान महसूस होना स्वाभाविक है.

        व्यापार और सेहत- अगर आप पार्टनरशिप में बिजनेस करते हैं, तो साझेदार के साथ मतभेद उभर सकते है. स्वास्थ्य की बात करें तो छाती (सीने) से जुड़ी तकलीफें या मौसम के बदलाव से होने वाली बीमारियां परेशान कर सकती हैं.

        क्या करें- कार्यस्थल और समाज में अपने व्यवहार और अपनी साख (इमेज) को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है.

        कब मिलेगी राहत- ज्योतिषीय आंकड़ों के मुताबिक, 8 अगस्त 2029 तक मीन राशि के जातकों को साढ़ेसाती से राहत मिलने की पूरी संभावना है.